ब्लॉगसेतु

Akhilesh Karn
267
गायक : सुनील छैला बिहारी व साथीएल्बम : चैताआहो रामा.... फूलवा लोड़े गोरी ऐ रामाफूलवा लोड़े गोरी जाए राजा फूलबगियाऐ रामा चैत मासे चैत मासेलच लच लचके कमरिया ऐ रामा चैत मासे चैत मासेलच लच लचके कमरिया ऐ रामा चैत मासे चैत मासेलच लच लचके कमरिया&n...
विजय राजबली माथुर
126
23 मार्च 2016 को  हैदराबाद में रोहित वेमुला की माँ से AISF महासचिव के साथ कन्हैया कुमार ******JNUSU अध्यक्ष कन्हैया कुमार AISF महासचिव सैयद वलीउल्लाह खादरी के साथ हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दिवंगत छात्र रोहित वेमुला की माँ व परिवारीजनों से मिलने गए। उनको वहा...
Akhilesh Karn
267
गायक : सुनील छैला बिहारी व साथीएल्बम : होली गीतसदा आनंद रहे यही द्वारे मोहन खेले होली होसदा आनंद रहे यही द्वारे मोहन खेले होली होसदा आनंद रहे यही द्वारे मोहन खेले होली होसदा आनंद रहे यही द्वारे मोहन खेले होली होमोहन खेले होरी हो भैया मोहन खेले होरी होमोहन खेले होरी...
prabhat ranjan
31
सुपरिचित लेखिका नीलिमा चौहान आजकल 'पतनशील पत्नियों के नोट्स' लिख रही हैं. एक नए तरह का गद्य, देखने का अलग नजरिया. आज अगली क़िस्त पढ़िए- मॉडरेटर ====================================================बीवी हूं जी, हॉर्नी हसीना नहीं हम लाचार बीवियों के लिए रसोई स...
 पोस्ट लेवल : नीलिमा चौहान neelima chauhan
Akhilesh Karn
267
गायक : सुनील छैला बिहारी और तृप्ति शक्या, व साथीएल्बम : होली गीत/ फाल्गुन गीतसरजुग तट आज मचे होली सरजुग तटसरजुग तट आज मचे होली सरजुग तटसरजुग तट आज मचे होली सरजुग तटसरजुग तट आज मचे होली सरजुग तटसरजुग तट हो सरजुग तट हो सरजुग तट हो सरजुग तट हो सरजुग तट हो सरजुग त...
prabhat ranjan
31
नीलिमा चौहान ने हाल के वर्षों में स्त्री-अधिकारों, स्त्री शक्ति से जुड़े विषयों को लेकर बहुत मुखर होकर लिखा है और अपनी एक बड़ी पहचान बनाई है. उनके लेखन में किसी तरह का ढोंग नहीं दिखता बल्कि एक तरह की गहरी व्यंग्यात्मकता है जो हम लोगों को बहुत प्रभावित करती है. पतनशील...
 पोस्ट लेवल : नीलिमा चौहान neelima chauhan
अनंत विजय
55
जब से कॉफी हाउस की संस्कृति बंद हुई है तब से साहित्यक समाचार ज्यादातर सोशल मीडिया पर ही नजर आते हैं । साहित्यक गॉसिप से लेकर विवाद तक, गंभीर टिप्पणियों से लेकर फूहड़ कमेंट तक, साहित्यक समाचार से लेकर साहित्येतर कानाफूसी तक सब-कुछ सोशल मीडिया से सामने आने लगा है । क...
अर्चना चावजी
71
अंतिम दिन!अर्चना चावजी·WEDNESDAY, DECEMBER 2, 2015 2/12/1996........2/12/201519 साल...पर उस दिन को ,उस पल को भूलना आसान नही,भुलाना भी क्यों? और कैसे? जबकि अंतिम सांस की आहट और खड़खड़ाहट गूंजती है अब भी कानों में और ये आँखे बंद होकर भी नहीं होतीमहसूसती हूँ आज भीअंतिम...
रणधीर सुमन
16
भारतीय जनसंघ के तत्कालीन अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय का रहस्यमय परिस्तिथियों में शव 11 फरवरी 1968 में उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय रेलवे स्टेशन पर मिला था. उनके परिवारजनों ने लगभग 47-48 साल बाद उनकी संदिग्ध परिस्तिथियों में हुई मौत की जांच कराने की मांग की है. उपाध्...
Shachinder Arya
155
'धर्मनिरपेक्षता' की एक व्याख्या:"नेहरू ने धर्मनिरपेक्षता को अन्य धर्मों का स्थान लेने वाले नागरिक धर्म की तरह कभी नहीं लिया। वे धर्म को मिला कर सभी भारतवासियों पर धर्मनिरपेक्ष पहचान का ठप्पा लगाने और इस तरह समाज पर एक नई नैतिकता थोपने के पक्ष में कतई नहीं थे। उन्हे...