ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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काफी दिनों के बाद दिल्ली के साहित्य अकादमी जाना हुआ, वहां हिंदी के एक वरिष्ठ आलोचक से मुलाकात हुई । बातें चली तो इन दिनों सक्रिय लेखकों की सृजनात्मकता पर बात शुरू हुई । कविता, कहानी आलोचना से लेकर फेसबुक पर चल रही साहित्यक गतिविधियों पर भी बात हुई । इस बातचीत में उ...
Yashoda Agrawal
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उत्तरायण से बंसत तकखिली चांदी सी धूप सेमीठी धीमी ताप में एकउमंग पकने लगती है।।सर्द गर्म से अहसास,कहीं जिन्दा रखते हैंसपने बुनते आदम कोविलुप्त होते प्राणी को ।।और मुझमें भी अन्दरधूप सी हरी उम्मीदमेरा ”औरा“ बनती हैप्रसून जैसी महकती है।।बुद्ध को सोचने कीएक हद तक फिरमे...
संजीव तिवारी
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); धारा 306 भारतीय दंड संहिता के आरोप को सिद्ध करने के लिये यह प्रमाणित किया जाना आवश्यक है कि अभियुक्तगण व्दारा मृतिका के साथ इस सीमा तक क्रूरता एवं प्रताड़ना की गयी कि उसके पास जान देने के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं...
अमितेश कुमार
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 2016 के अंत में रंगमंच को रंगकर्म की संख्या  तो उत्साहजनक नजर आती है लेकिन जैसे ही निगाह गुणवत्ता की तरफ करते हैं तो यह उत्साह भी कम हो जाता है. हालाँकि यहाँ यह कहना भी ठीक होगा कि कुछ एसे रंगकर्मी भी हैं जो ऐसे समय में भी रंगमंच के बुनियादी सरोकारो...
sahitya shilpi
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 पोस्ट लेवल : डॉ नीलम महेंद्र आलेख
अर्चना चावजी
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वो २५ नवंबर १९८४ का दिन था , और आज थोड़ी देर में २५ नवंबर २०१६ हो जाएगा। ....हैप्पी एनिवर्सरी। ........ तारीख वही रहती है बस साल बदलते-बदलते बहुत लंबा रास्ता तय कर लिया है अब तक ,करीब ३२ साल। ......इन बत्तीस सालों में हमारा साथ रहा सिर्फ ९ सालों का। ....और २३ साल गु...
 पोस्ट लेवल : सुनील
sahitya shilpi
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 पोस्ट लेवल : डॉ नीलम महेंद्र आलेख
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : आलेख नीलम महेंद्र
Kheteswar Boravat
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रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कहानी नीला प्रसाद