ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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Manish SinghSeptember 26 at 5:20 PM दो ध्रुवीय विश्व हमारी पीढ़ी ने देखा है। हमारी सरकारों को कभी रूस और कभी अमरीका की कृपा के लिए जतन करते देखा है। पर एक वक्त था, जब इनके बीच गुटनिरपेक्ष देश तीसरा ध्रुव थे, भारत इनका अगुआ था, और नेहरू इसका चेहरा।उस जमाने मे हम...
अनीता सैनी
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जनाब कह रहे हैं  ख़ाकी और काला-कोट पगला गये हैं  और तो और सड़क पर आ गये हैं   धाक जमा रहे थे हम इन पर सफ़ेद पोशाक  पहन पितृ देव का रुतबा दिखा भविष्यवाणी कर रहे थे शब्दों का प्रभाव क्या होता है ख़ाकी और का...
kumarendra singh sengar
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हाल ही में एक मामला संज्ञान में आया जो पुलिस से संदर्भित था. पुलिस का नाम सामने आते ही पसीने छूट जाते हैं लोगों के, हमारे भी छूट जाते हैं. अक्सर हम अपने मित्रों से कहते भी हैं कि हमारा और पुलिस का सम्बन्ध उतना ही है जितना हमारा और चंद्रमा का. हम उसे देख सकते हैं, म...
kumarendra singh sengar
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कहते हैं कि जो आया है वो जायेगा ही मगर कोई आने वाला बजाय जाने के विलुप्त ही हो जाये तो? क्या ऐसा भी हो सकता है कि आने वाला विलुप्त हो जाये? यदि ऐसा होता भी है तो वह विलुप्त क्यों हुआ? यदि खुद अपनी मर्जी से विलुप्त नहीं हुआ तो फिर किसने विलुप्त करवाया? उसके खुद विलु...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, कहते हैं कि जो आया है वो जायेगा ही मगर कोई आने वाला जाने के बजाय विलुप्त हो जाये तो? क्या ऐसा भी होता है कि आने वाला विलुप्त हो जाये? यदि ऐसा होता भी है तो वह विलुप्त क्यों हुआ? यदि खुद अपनी मर्जी से विलुप्त नहीं हुआ तो फिर किसने विलुप्त करवाया? उसक...
शिवम् मिश्रा
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 "मृतक ने तुमसे कुछ नहीं लिया | वह अपने लिए कुछ नहीं चाहता था | उसने अपने को देश को समर्पित कर दिया और स्वयं विलुप्तता मे चला गया |" - 'महाकाल' 18/08/1945 - 18/08/2019 याद रखिए ... 18 अगस्त को नेताजी की पुण्यतिथि नहीं होती बल्कि ये वो तार...
शिवम् मिश्रा
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दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की घृणित प्रथा के खात्मे के लिए चले निर्णायक आंदोलन के अगुवा नेल्सन मंडेला के जीवन में महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के रूप में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े अलग-अलग विचारधाराओं वाले दो पुरोधाओं की सोच का अनोखा संगम देखा...
kumarendra singh sengar
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आज समूचा देश लोकसभा चुनाव परिणामों को जानने की चाह में किसी न किसी रूप में मीडिया से जुड़ा हुआ है. अभी तक जिस तरह से रुझान आये हैं, उनसे स्थिति एकदम साफ़ हो चुकी है. भाजपा की, NDA की धमाकेदार वापसी दिख रही है. विपक्ष और महागठबंधन जैसी स्थितियों को मतदाताओं ने नकारा ह...
kumarendra singh sengar
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विगत पांच सालों से जबसे केंद्र में भाजपा की सरकार आई है तबसे लोगों की मानसिकता में दो तरह के वर्ग साफ़ दिखाई देने लगे हैं, एक भाजपा-समर्थक, दूसरा भाजपा-विरोधी. इन दोनों वर्गों के अपने-अपने पूर्वाग्रह हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है. ऐसे में दोनों ही वर्ग अपने-अ...
शिवम् मिश्रा
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नेता जनता की समस्याओं को उतनी ही गंभीरता से लेते हैं,जितना हम सिगरेट, तंबाकू के पैकेट पर लिखी कैंसर की चेतावनी को!