ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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Kumud SinghAugust 4, 2015 जातिवाद बिहार की समस्‍या नहीं...समस्‍या तो सहाय जैसे नेता हैं..............................................................................................................बिहार को जातिवाद से मुक्‍त करने की जरुरत नहीं है, क्‍योंकि जाति...
अनंत विजय
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कोरोना के इस संकटग्रस्त समय में परंपरा और संस्कृति की बहुत बातें हो रही हैं। सोशल मीडिया से लेकर अन्य संवाद माध्यमों पर भारतीय पौराणिक कहानियों से लेकर पौराणिक उपचार की पद्धतियों को लेकर भी खासी रुचि देखी जा रही है। इस आलोक में ही पिछले दिनों पांच मित्रों के बीच एक...
Kajal Kumar
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अनंत विजय
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गणतंत्र दिवस पर लाल किला में कवि सम्मेलन की परंपरा बहुत पुरानी रही है, एक जमाने में इस कवि सम्मेलन की दिल्ली के साहित्यप्रमियों को प्रतीक्षा रहती थी और वहां श्रोताओं की संख्या काफी होती थी। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी इस कवि सम्मेलन में वहां जाया करत...
 पोस्ट लेवल : दिनकर लाल किला नेहरू
अनंत विजय
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पिछले दिनों दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में एक पुस्तक चर्चा के दौरान बेहद दिलचस्प बातें हुई। पुस्तक थी लेखक इकबाल रिजवी की गांधी और सिने संसार। इस पुस्तक में लेखक ने मोहनदास करमचंद गांधी और फिल्मों के रिश्तों पर रोचक तरीके से लिखा है। इस पुस्तक का प...
 पोस्ट लेवल : गांधी नेहरू महबूब खान
विजय राजबली माथुर
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Manish SinghSeptember 26 at 5:20 PM दो ध्रुवीय विश्व हमारी पीढ़ी ने देखा है। हमारी सरकारों को कभी रूस और कभी अमरीका की कृपा के लिए जतन करते देखा है। पर एक वक्त था, जब इनके बीच गुटनिरपेक्ष देश तीसरा ध्रुव थे, भारत इनका अगुआ था, और नेहरू इसका चेहरा।उस जमाने मे हम...
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--जन्मदिवस चाचा नेहरू का, बच्चों भूल न जाना।ठाठ-बाट को छोड़ हमेशा, सादा जीवन अपनाना।।--नित्य-नियम से सदा सींचना, बगिया की फुलवारी।मत-मजहब के गुलदस्ते सी, वसुन्धरा है प्यारी।अपनी इस पावन धरती पर, वैमनस्य मत उपजाना। ठाठ-बाट को...
विजय राजबली माथुर
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 http://epaper.navbharattimes.com/details/63237-77176-1.htmlअजेय कुमारकश्मीर समस्या के लिए क्या नेहरू जिम्मेदार ? शेख अब्दुल्ला पर जब महाराजा ने राजद्रोह का मुकदमा चलाया तो उनकी ओर से लड़ने के लिए बतौर वकील जवाहरलाल नेहरू कश्मीर गएअगर महाराजा हरि सिंह ने ढ...
विजय राजबली माथुर
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http://epaper.navbharattimes.com/details/60713-77281-2.htmlफैसले के 40 मिनट के अंदर खुल गया था तालाविशुद्ध राजनीतिदास्तानहेमंत शर्मा, वरिष्ठ पत्रकारक्या आपने कभी सुना है कि आजाद भारत में किसी अदालत के फैसले का पालन महज 40 मिनट के अंदर हो गया हो।  अयोध्या में 1...
विजय राजबली माथुर
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 ~विजय राजबली माथुर ©