ब्लॉगसेतु

S.M. MAsoom
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  ईद के चांद ने वातावरण को एक नए रूप मे खुशगवार बना दिया . चांद देखते ही लोगों के बीच फ़ितरे की बातें होने लगीं.  फ़ितरा उस धार्मिक कर को कहते हैं जो प्रत्येक मुस्लिम परिवार के मुखिया को अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य की ओर से निर्धनों को देना होता है...
केवल राम
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‘आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है’. सन 1977 में आई फिल्म ‘अपनापन’ का यह गीत काफी लोकप्रिय गीत रहा है और मनुष्य जीवन के सन्दर्भ में काफी प्रासंगिक है. इस गीत का मुखड़ा मनुष्य जीवन के सफ़र के साथ भी जोड़ा जा सकता है. आदमी इस दुनिया म...
विजय राजबली माथुर
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Roshan Suchanगंगा राम मेमोरियल हाल लखनऊ की ये तस्वीरें 12-13 अगस्त 1936 की हैं जिस दिन AISF की स्थापना हुई थी। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने समारोह का उद्घाटन किया और मुहम्मद अली जिन्नाह ने समापन भाषण दिया जो बाद में हिंदुस्तान  के प्रधानमंत्री   और पाकिस...
जन्मेजय तिवारी
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             ‘आप पत्रकार लोग भी तिल का ताड़ बनाने के उस्ताद होते हैं ।’ उन्होंने मुझे देखते ही ताना मारा ।   ‘पर आतंकवाद को आप तिल कदापि नहीं कह सकते । वह तो कब का ताड़ बन चुका है ।’ मैंने प्रतिवाद करने की कोशिश करत...
विजय राजबली माथुर
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लखनऊ,23 मार्च,2013---आज साँय तीन बजे 22,क़ैसर बाग स्थित भाकपा कार्यालय पर ज़िला काउंसिल,लखनऊ की ओर से अमर शहीद भगत सिंह,राजगुरु और सुखदेव की शहादत पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य सचिव डॉ गिरीश की उपस्थित विशेष उल्लेखनीय रही। मुख...