ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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त्वरित प्रतिक्रियामहारास और न्यायालय*महारास में भाव था, लीला थी जग हेतु.रसलीला क्रीडा हुई, देह तुष्टि का हेतु..न्यायालय अँधा हुआ, बँधे हुए हैं नैन.क्या जाने राधा-किशन, क्यों खोते थे चैन?.हलकी-भारी तौल को, माने जब आधार.नाम न्याय का ले करे, न्यायालय व्यापार..भारहीन स...
 पोस्ट लेवल : रास न्यायालय
विजय राजबली माथुर
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Shyam Meera SinghJanuary 31 at 1:40 PM'मीडिया के बाद 'न्यायपालिका' का 'शव' भी आने के लिए तैयार है. इस पूरी क्रोनोलॉजी पर आपका ध्यान नहीं गया होगा~●12 जून, 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस देश की सबसे ताकतवर महिला को प्रधानमंत्री पद से बर्खास्त कर दिया!  &n...
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--न्याय मिला श्री राम को, न्यायालय से आज।अब मन्दिर निर्माण का, पूरा होगा काज।।-- दोनें पक्षों को मिला, उनका अब अधिकार।मन्दिर-मस्जिद को दिया, धरती का उपहार।।-- भव्य बने मन्दिर वहाँ, मस्जिद आलीशान।अलग-अलग भू पर बने, पूजा-सदन महान।। --धर्मों के दरम्...
Lokendra Singh
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- लोकेन्द्र सिंह -सर्वोच्च न्यायालय में आज फिर श्रीराम जन्मभूमि का मामला आएगा। हिंदुओं की आस्था और भावनाओं से जुड़े इस बहुप्रतीक्षित मामले की सुनवाई के लिए पाँच न्यायमूर्तियों की संवैधानिक पीठ तय हो गई है। हिंदू समाज प्रार्थना कर रहा है कि मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्...
Lokendra Singh
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- लोकेन्द्र सिंह -मेघालय के उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय नागरिकता पंजीयन प्रकरण की सुनवाई करते हुए भारत के संदर्भ में जो कहा, उसके बाद देशव्यापी विमर्श खड़ा हुआ। एक ओर कथित सेकुलर बिरादरी उच्च न्यायालय की टिप्पणी से असहज हो गई। उसे संविधान की याद आई। वहीं, दूसरी ओर उ...
kumarendra singh sengar
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लम्बे समय से भारतीय राजनीति में चर्चित रहा राफेल विमान सौदा मामला आख़िरकार सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एक तरफ से समाप्त कर दिया गया. तीन न्यायाधीशों की बेंच द्वारा 14 नवम्बर को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. इसे आज, 14 दिसम्बर को सुनाया गया. न्यायालय द्वारा स्पष्ट र...
kumarendra singh sengar
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विगत दो-तीन दिन से सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक निर्णय देने में लगा है. स्त्री-पुरुष के विवाहेतर संबंधों से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा 497 पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि व्याभिचार अपराध नहीं है. विगत माह, अगस्त में देश की शीर्ष अद...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, विगत दो-तीन दिन से सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक निर्णय देने में लगा है. इसी श्रेणी में आज उसके द्वारा व्याभिचार कानून से सम्बंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 497 पर फैसला सुनाया गया. न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने एकमत से फैसला सुनाया कि व्याभिचार अपरा...
kumarendra singh sengar
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सर्वोच्च न्यायालय के धारा 377 पर दिए गए निर्णय के बाद समलैंगिक सम्बन्ध अपराध की श्रेणी में नहीं आयेंगे.चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान ने धारा-377 की वैधता को चुनौती वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह साफ किया था कि इस का...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, सर्वोच्च न्यायालय के धारा 377 पर दिए गए निर्णय के बाद समलैंगिक सम्बन्ध अपराध की श्रेणी में नहीं आयेंगे. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान ने धारा-377 की वैधता को चुनौती वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह साफ...