न जाने क्यों उससे प्यार कभी नहीं हुआ उतनाजितना कि उसके नाम से।नाम का पास से बार-बार गुजरनाबार बार खोना और बार बार नाम का उतना ही प्रभाव होना।खो देने का अब भी उतना ही डर जितना कि पहली बार था।समुद्र की लहरों सी बार बार उसके बालों का सामने आनाउसकी हंसी में उसी प्रकार...