ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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समकालीन साहित्यिक परिदृश्य में देशभर में साहित्य महोत्सवों की धूम मच रही है और कस्बों और मोहल्ले स्तर पर लिटरेचर फेस्टिवल हो रहे हैं। दिल्ली के द्वारका से लेकर सुदूर कोच्चि तक में उसी नाम से लिटरेचर फेस्टटिवल हो रहे हैं। कई बार तो इन लिटरेचर फेस्टिवल में इस तरह के...
अनंत विजय
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लगभग एक पखवाड़े पहले पटना में रहनेवाले हिंदी के उपन्यासकार रत्नेश्वर ने फेसबुक पर एक टिप्पणी लिखी, ‘इस समय हिन्दी के कई सुपर हिट गीत लिखने वाले मनोज मुंतशिर के साथ एक शाम। मनोज मुंतशिर ने ‘तेरी गालियां’ से लेकर ‘तेरे संग यारा’, ‘मेरे रश्के-कमर’ आदि अनेक लोकप्रिय गी...
अनंत विजय
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आज से करीब पच्चीस साल पहले की बात है। एक मित्र की शादी के सिलसिले में पटना गया था। बारात पटना के मेनका होटल में रुकी थी। शादी संपन्न होने के बाद  के बाद बारात वापस घर लौट रही थी। बारात के साथ ही दूल्हा दुल्हन भी लौट रहे थे। दूल्हा-दुल्हन के साथ एक व्यक्ति गाड़...
S.M. MAsoom
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अनंत विजय
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हाल ही में भारतीय जन नाट्य संघ यानि इप्टा का प्लैटिनम जुबली समारोह पटना में मनाया गया। हर संस्था अपनी स्थापना के महत्वपूर्ण पड़ावों पर समारोहों का आयोजन करती है। भारतीय जन नाट्य संघ ने भी किया। आजादी के पहले स्थापित इस संस्था का उद्देश्य नाटकों के माध्यम से सांस्कृ...
 पोस्ट लेवल : पटना शबाना आजमी इप्टा
कुमार मुकुल
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यहां अरूण कमल रहते हैं मेरे प्रिय कवि।खगेन्‍द्र ठाकुर हैं यहां ख्‍यात नाम सरल। नंद किशोर नवल हैंनामवर आलोचक। इस शहर में इतिहासकार रामशरण शर्मारहते हैं। स्त्रियों के संघर्ष की झंडाबरदार शांति ओझा रहती हैं।अवधेश प्रीत हैं यहां कथाकार यारबाश आदमी। एक लगभगअपनी उम्र के...
मनीष कुमार
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बिहार के साथ आधुनिक शब्द का इस्तेमाल थोड़ा अजीब लगा होगा आपको। भारत के पूर्वी राज्यों बिहार, झारखंड और ओड़ीसा का नाम अक्सर यहाँ के आर्थिक पिछड़ेपन के लिए लिया जाता रहा है पर बिहार के पटना  स्थित इस नव निर्मित संग्रहालय को आप देखेंगे तो निष्पक्ष भाव से ये कहन...
विजय राजबली माथुर
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 09 अगस्त 1925 : 1922 ई .मे गांधी जी द्वारा चौरी-चौरा कांड के नाम पर असहयोग आंदोलन वापिस लेने पर युवा / छात्र क्रान्ति की ओर मुड़े । क्रांतिकारी आंदोलन को चलाने और बम आदि बनाने हेतु काफी धन की आवश्यकता थी। अतः राम प्रसाद ' बिस्मिल '/ चंद्रशेखर आजाद क...
Abhishek Kumar
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इन दिनों दिल्ली में बारिश खूब हो रही है, जम कर बादल बरस रहे हैं. ऐसे में अपने शहर पटना की याद आना लाजमी है. बारिशों की खूब अच्छी यादें जुड़ी हुई हैं पटना से. ख़ास कर जब शहर में वाटरलॉगिंग होता था तब  की यादें. कुछ समय पहले यूहीं इन्टरनेट की गलियों में टहलते हुए...
 पोस्ट लेवल : पटना Phanishwar Nath Renu Report
Bharat Tiwari
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देवदत्त पटनायक की वर्तिका का बल पांडित्य बघारने पर केंद्रित नहीं — मृणाल पाण्डेगैर-राजनीतिक इरादे से देसी परंपरा को हिंदी में समझना-समझाना,अंग्रेजी में व्याख्या करने से कहीं जटिल बन चला है — मृणाल पाण्डे'हंस' जून 2018 (adsbygoogle = window.adsbygoog...