ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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An Era of Darkness प्रजातन्त्र से परिचित कराने का ब्रिटिश दावा Dr Shashi TharoorPart 1Part IIDr Shashi Tharoor — An Era of Darkness — Book ExcerptsWe must have a system of government whose leaders can focus on governance rather than on staying i...
Bharat Tiwari
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An Era of Darkness प्रजातन्त्र से परिचित कराने का ब्रिटिश दावा Dr Shashi TharoorPart 1डॉ शशि थरूर की अवश्य पढ़ी जाने वाली किताब 'An Era of Darkness/अन्धकार काल' के अंश, एक ज़रूरी अध्याय 'प्रजातन्त्र, प्रेस, संसदीय प्रणाली एवं विधि सम्मत नियम' / De...
Bharat Tiwari
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डॉ शशि थरूर की अवश्य पढ़ी जाने वाली किताब 'An Era of Darkness/अन्धकार काल' के अंश, एक ज़रूरी अध्याय 'प्रजातन्त्र, प्रेस, संसदीय प्रणाली एवं विधि सम्मत नियम' / Democracy, The Press, The Parliamentary System' की श्रृंखला English और हिंदी में, आप शब्दांकन पाठकों के...
ANITA LAGURI (ANU)
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झमेले ज़िन्दगी के तमाम बढ़ गये           मार खा...
अनंत विजय
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एक रिहाइशी इलाके में पेड़ों के बीच एक इमारत। गेट से अंदर जाने पर कुछ छात्र इधर उधर दिखाई देते हैं। एक कमरे का दरवाजा खुला तो वहां अजीब सी शांति और छात्र पढ़ने में तल्लीन। ऐसे चार छह कमरे जिनके दरवाजे बंद और अंदर छात्र और पुस्तक का साथ । ये मंजर था नोएडा पब्लिक लाइब...
वंदना अवस्थी दुबे
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महीने भर इंतज़ार करवाया उषाकिरण  ने, लेकिन आज जब उनकी पोस्ट देखी, तो मन बल्लियों उछलने लगा। आप भी देखें क्या लिखा उन्होंने।बातों वाली गलीलम्बे इंतजार के बाद आज कासिद ने “बातों वाली गली” लाकर दी..बेसब्री से पैकिंग फाड़फूड़ कर फेंकी..उलटी-पलटी..सुंदर कवर ,हाथ में...
वंदना अवस्थी दुबे
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बातों वाली गली में टहलते हुए अपने आसपास का माहौल ही नजर आया. जिस तरह से रोज ही जो निश्चित सी दिनचर्या लोगों की दिखाई देती है, कुछ-कुछ वैसी ही बातों वाली गली के लोगों की दिखी. लघुकथा जैसे छोटे कलेवर में विस्तृत फलक दिखाई दिया. वंदना जी अपने बचपन से ले...
Bhavna  Pathak
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मीडिया पर लेखन और चर्चा परिचर्चा के दौरान ही मुझे मीडिया लिटरेसी के बारे में पता चला। मीडिया में काम करने और मास मीडिया के अध्यापन से जुड़े होने के नाते मीडिया लिटरेसी के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानने की ललक के चलते गूगल को छान मारा और उसी दौरान मुझे एरि...
Kheteswar Boravat
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अविनाश वाचस्पति
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देश में 10 अप्रैल 14 को चुनाव संपन्‍न होने हैं या बड़े अथवा फिल्‍मी पर्दे पर लड़ाई भिड़ाई का दृश्‍य फिल्‍माया जा रहा है। इस संबंध में प्रचार और प्रसार की भाषा तो यही बतला रही है कि किसी फीचर फिल्‍म के संवाद सुनाई दे रहे हों जबकि इसे परदे पर देखने पर ऐसा नहीं लगेगा।...