ब्लॉगसेतु

girish billore
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 पोस्ट लेवल : राखी आह्वान पर्यावरण
Lokendra Singh
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 देश का पहला गाँव, जिसके हर घर में सोलर इंडक्शन पर पकता है खानामध्यप्रदेश के बैतूल जिले का एक छोटा-सा अनुसूचित जनजाति (शेड्यूल ट्राइब) बाहुल्य गाँव है- बाचा। आजकल यह छोटा-सा गाँव अपने बड़े नवाचारों के कारण चर्चा में बना हुआ है। वर्ष 2016-17 से बाचा ने बदलाव की...
sanjiv verma salil
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मुक्तक सलिला *प्रात मात शारदा सुरों से मुझे धन्य कर।शीश पर विलंब बिन धरो अनन्य दिव्य कर।।विरंचि से कहें न चित्रगुप्त गुप्त चित्र हो।नर्मदा का दर्श हो, विमल सलिल सबल मकर।।*मलिन बुद्धि अब अमल विमल हो श्री राधे।नर-नारी सद्भाव प्रबल हो श्री राधे।।अपराधी मन शांत निबल हो...
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घटते वन,बढ़ता प्रदूषण,गाँव से पलायनशहरों का आकर्षण।जंगली जन्तु कहाँ जायें?कंकरीटों के जंगल मेंक्या खायें?मजबूरी में वे भीबस्तियों में घुस आये!--क्या हाथी,क्या शेर?क्या चीतल,क्या वानर?त्रस्त हैं,सभी जानवर।खोज रहे हैं सबअपना आहार,हो रहे हैं नरअपनी भूलों का शिकार...
sanjiv verma salil
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पर्यावरण गीत:किस तरह आये बसंतसंजीव*मानव लूट रहा प्रकृति कोकिस तरह आये बसंत?...*होरी कैसे छाये टपरिया?धनिया कैसे भरे गगरिया?गाँव लील कर हँसे नगरिया,राजमार्ग बन गयी डगरियाराधा को छल रहा सँवरियासुत भूला माँ हुई बँवरियाअंतर्मन रो रहा निरंतरकिस तरह गाये बसंत?...*सूखी नद...
 पोस्ट लेवल : बसंत पर्यावरण गीत
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला:संजीव 'सलिल'*कथ्य, भाव, रस, शिल्प, लय, साधें कवि गुणवान.कम न अधिक कोई तनिक, मिल कविता की जान..*मेघदूत के पत्र को, सके न अब तक बाँच.पानी रहा न आँख में, किससे बोलें साँच..ऋतुओं का आनंद लें, बाकी नहीं शऊर.भवनों में घुस कोसते. मौसम को भरपूर..पावस ठंडी ग्रीष्...
 पोस्ट लेवल : दोहा पर्यावरण
Asha News
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ राजेश कुमार गुप्ता के निर्देशन में यहाॅं वन विद्यालय (ईको सेन्टर) में विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को विधिक साक्षरता एवं कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम उपाय, बचाव तथा पर्यावरण एवं वन अधिनियम से सं...
kuldeep thakur
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शुक्रवारीय अंक मेंआप सभी का स्नेहिल अभिवादन------आज विश्व पर्यावरण दिवस पर फिर से एक बार प्रभावशाली स्लोगन जोर-जोर से चिल्लायेगे,पेड़ों के संरक्षण के भाषण,बूँद-बूँद पानी की कीमत पहचानिये..और भी न जाने क्या-क्या लिखेगे और बोलेगे। पर सच तो यही है अपनी सुविधा...
 पोस्ट लेवल : 1785 पर्यावरण दिवस
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--पेड़ लगाना धरा पर, मानव का है कर्म।पर्यावरण सुधारना, हम सबका है धर्म।।--हरितक्रान्ति से मिटेगा, धरती का सन्ताप।पर्यावरण बचाइए, बचे रहेंगे आप।।--प्राणवायु का पेड़ ही, होते हैं आधार।पेड़ लगाकर कीजिए, धरती का सिंगार।।--पेड़ भगाते रोग को, बनकर वैद...
 पोस्ट लेवल : दोहे पर्यावरण दिवस
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--मधुर पर्यावरण जिसने, बनाया और निखारा है,हमारा आवरण जिसने, सजाया और सँवारा है।बहुत आभार है उसका, बहुत उपकार है उसका,दिया माटी के पुतले को, उसी ने प्राण प्यारा है।।--बहाई ज्ञान की गंगा, मधुरता ईख में कर दी,कभी गर्मी, कभी वर्षा, कभ...