मेरी पत्रकारिता की जिन्दगी में इस तरह के मामलात अक्सर पेश आए जब मुझे दोहरी जिम्मेदारी का निर्वाह करना पड़ा। अखबार के साथ मिल्लत के मसलां व मामलात में अमली तौर पर हिस्सा लेना पड़ता था। आजाद हिन्दुस्तान में मुस्लिम नेतृत्व के समाप्त हो जाने के पश्चात अखबार के संपादक को...