ब्लॉगसेतु

अमितेश कुमार
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राजेन्द्र पांचाल राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक हैं. राजस्थान के कोटा शहर में रहकर रंगकर्म में सक्रिय हैं. प्रशिक्षु अभिनेता क्राफ्ट के साथ अपने व्यक्तित्व का विकास कैसे कर सकते हैं इसके लिए एक मॉड्यूल विकसित किया है, और एक लेख लिखकर उसको सार्वजनिक किया है. यह...
mahendra verma
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ज्योति कलश छलके,हुए गुलाबी लाल सुनहरेरंग दल बादल के.....यह एक पुरानी फ़िल्म का गीत है । यह गीत आपको आज भी अच्छा लगता होगा। इस गीत की कई ख़ूबियों में से एक यह है कि इस गीत की धुन केवल पांच सुरों के मेल से बनी है । इस गीत के कर्णप्रिय होने का एक कारण यही पांच सुर ह...
मुकेश कुमार
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बात 2008 की थी, उन दिनों ऑरकुट का जमाना था, तभी एक नई बात पता चली थी कि "ब्लोगस्पॉट" गूगल द्वारा बनाया गया एक अलग इजाद है, जिसके माध्यम से आप अपनी बात रख सकते हैं और वो आपका अपना डिजिटल डायरी होगा | जैसे आज भी कोई नया एप देखते ही डाउनलोड कर लेता हूँ, तो कुछ वैसा ही...
sanjiv verma salil
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एक रचना: पाँच पर्व :*पाँच तत्व की देह है,ज्ञाननेद्रिय हैं पाँच।कर्मेन्द्रिय भी पाँच हैं,पाँच पर्व हैं साँच।।*माटी की यह देह है,माटी का संसार।माटी बनती दीप चुप,देती जग उजियार।।कच्ची माटी को पकापक्का करती आँच।अगन-लगन का मेल हीपाँच मार्ग का साँच।।*हाथ न सूझे हाथ...
 पोस्ट लेवल : panch parva पांच पर्व
prabhat ranjan
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 देवदत्त पट्टनायक की पुस्तक सीता के पांच निर्णय का एक अंश. किताब राजपाल एंड सन्ज प्रकाशन से आई है. अंग्रेजी से इसका अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन ===================================समुद्र के ऊपर बहुत लम्बी यात्रा के बाद सीता ने खुद को लंका द्वीप में...
अनंत विजय
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तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है । जिन पांच राज्यों में चुनाव का एलान किया गया है उनमें सबसे अहम है उत्तर प्रदेश जहां चार सौ तीन विधानसभा सीटों के लिए चुनाव ले जाने हैं । इसके अलावा जो राज्य हैं वो हैं...
मुकेश कुमार
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सुनोपिछले बार, याद है नकैफे कॉफी डे के काउंटर परमैंने निकला था 500 का कड़क नोटलेना था केपेचिनों का दो लार्ज कपवो बात थी दीगरकि, पे किया था तुमनेजिससेथोड़ी असमंजस व संकोच की स्थिति के साथफिर से डाल लिया था, पर्स के कोने मेंअकेला नोट पांच सौ का !उस...
मुकेश कुमार
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सुनो पिछले बार, याद है न कैफे कॉफी डे के काउंटर पर मैंने निकला था 500 का कड़क नोटलेना था केपेचिनों का दो लार्ज कप वो बात थी दीगर कि, पे किया था तुमने जिससे थोड़ी असमंजस व संकोच की स्थिति के साथ फिर से डाल लिया था, पर्स के कोने में अकेला नोट पांच सौ का !उस पल लगा था अ...
अनंत विजय
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मंगलवार को जब खबर आई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को संबोधित करनेवाले हैं तो तमाम मीडिया कंपनियों के न्यूजरूम में इस बात के कयास लगाए जाने लगे कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान को लेकर किसी बड़े कदम का एलान कर सकते हैं लेकिन प्रधानमंत्री ने तो कुछ और ही तय कर रखा था ।...
prabhat ranjan
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हुमैरा राहत के शेर पढता रहता था. अभी हाल में ही उनकी गजलों और नज्मों का संकलन हाथ में आया- पांचवीं हिजरत. किताब राजपाल एंड संज प्रकाशन से आई है. उसी से कुछ ग़ज़लें- मॉडरेटर ===============================================================1.बिछुड़ते वक्त भी रोया नही...