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Ajay Singh
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 45 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पैंतालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर का शिव की सेना के साथ युद्ध सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] तदनन्तर मदिरा पानकर नेत्रों को घुमाता हुआ मदमत्त गज के समान गतिवाला तथा श्रे...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 44 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौवालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर की तपस्या, ब्रह्मा द्वारा उसे अनेक वरों की प्राप्ति, त्रिलोकी को जीतकर उसका स्वेच्छाचार में प्रवृत्त होना, मन्त्रियों द्वारा पार्वती के...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 43 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तैंतालीसवाँ अध्याय हिरण्यकशिपु की तपस्या, ब्रह्मा से वरदान पाकर उसका अत्याचार, भगवान् नृसिंह द्वारा उसका वध और प्रह्लाद को राज्यप्राप्ति व्यासजी बोले — हे सर्वज्ञ...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 42 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बयालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर की उत्पत्ति की कथा, शिव के वरदान से हिरण्याक्ष द्वारा अन्धक को पुत्ररूप में प्राप्त करना, हिरण्याक्ष द्वारा पृथ्वी को पाताललोक में ले जा...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 41 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः इकतालीसवाँ अध्याय शंखचूड का रूप धारणकर भगवान् विष्णु द्वारा तुलसी के शील का हरण, तुलसी द्वारा विष्णु को पाषाण होने का शाप देना, शंकरजी द्वारा तुलसी को सान्त्वना, श...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 40 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड का युद्ध, आकाशवाणी द्वारा शंकर को युद्ध से विरत करना, विष्णु का ब्राह्मणरूप धारणकर शंखचूड का कवच माँगना, कवचहीन शंखचूड का भगवान् शिव...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 39 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उनतालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड के महाभयंकर युद्ध में शंखचूड के सैनिकों के संहार का वर्णन व्यासजी बोले — हे महाप्राज्ञ ! भद्रकाली के वचन को सुनकर शिवजी ने क्या कहा...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 36 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छत्तीसवाँ अध्याय शंखचूड को उद्देश्यकर देवताओं का दानवों के साथ महासंग्राम सनत्कुमार बोले — उस दूत ने वहाँ जाकर शिवजी की सारी बात तथा उनका निश्चय विस्त...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 35 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड का अपने एक बुद्धिमान् दूत को शंकर के पास भेजना, दूत तथा शिव की वार्ता, शंकर का सन्देश लेकर दूत का वापस शंखचूड के पास आना सनत्कु...
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 34 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौंतीसवाँ अध्याय तुलसी से विदा लेकर शंखचूड का युद्ध के लिये ससैन्य पुष्पभद्रा नदी के तट पर पहुँचना व्यासजी बोले — हे महाबुद्धिमान् ब्रह्मपुत्र ! हे मुन...
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