ब्लॉगसेतु

उन्मुक्त हिन्दी
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यह चिट्ठी, रॉबर्ट ओपेनहाइमर, उनके बारे में एक दिलचस्प लेख, उनका गीता प्रेम  और रॉबर्ट जुंगक की लिखी पुस्तक 'Brighter than Thousand Suns' के बारे में है।आइंस्टाइन और रॉबर्ट ओपेनहाइमर रॉबर्ट ओपेनहाइमर को परमाणु बम के पिता के रूप में जाना जाता है। यहां पर, उन पर,...
shashi purwar
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अर्थ घनत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं "जोगिनी गंध" के हाइकु - डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर'वर्तमान युग परिवर्तन का युग है और परिवर्तन की यह प्रक्रिया जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में है। साहित्य भी इससे अछूता नहीं है। मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि बदलते परिवेश में...
shashi purwar
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Lokendra Singh
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वैसे तो 'राष्ट्रवाद' सदैव ही जनसाधारण की चर्चाओं से लेकर अकादमिक विमर्श के केंद्र में रहता है। किंतु, वर्तमान समय में राष्ट्रवाद की चर्चा जोरों पर है। राष्ट्रवाद का जिक्र बार-बार आ रहा है। राष्ट्रवाद को 'उपसर्ग' की तरह भी प्रयोग में लिया जा रहा है, यथा- राष्ट्रवादी...
Lokendra Singh
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भारतीय भाषाओं के सम्मान का अनुष्ठानयूँ तो मीडिया विमर्श का हर अंक ही विशेष होता है। हर अंक पठनीय और संदर्भ सामग्री से भरा पड़ा संग्रहणीय। कई ऐसे विषयों पर भी मीडिया विमर्श ने विशेषांक निकाले हैं, जिनकी मीडिया में भी अत्यंत कम चर्चा होती है और होती भी है तो वही पुरान...
kavita verma
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कलमकार मंच द्वारा प्रकाशित मेरे कहानी संग्रह कछु अकथ कहानी के बारे में यहाँ पढिये और अच्छा लगे तो आर्डर भी यहीं कर दीजिए ।#booksfortrade#books#BookReviewhttps://kalamkarmanch.in/archives/1250
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दिल से निकले ज़द्बातों की शायरी “सब्र का इम्तिहान बाकी है”      अभी कल ही की तो बात है। मैं तीन पुस्तकों के विमोचन के कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। जिनमें डॉ. सुभाष वर्मा कृत कत्आत और ग़ज़लों का  एक संग्रह “सब्र का इम्तिहान ब...
सुबोध  श्रीवास्तव
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मेरे हसीन बचपन में कोई नयापन नहीं आता..‘कंगाल होता जनतंत्र’ अनिल कुमार शर्मा का पहला काव्य संग्रह है. यह संग्रह पिछले दो दशकों के आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र का एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसने न सिर्फ लेखक की चेतना का ही निर्माण किया बल्कि आम जनमानस की...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा
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 उदात्त भावनाओं की शायरी“पेपरवेट”      पंजाबी मूल के कृषक परिवार में 1980 में जन्मी पेशे से शिक्षिका श्रीमती राजविन्दर कौर एक कामकाजी महिला हैं। मैंने अपनी अनुभवी दृष्टि से अक्सर यह देखा है कि कामकाजी महिलाओं का अधिकांश समय अपन...
Lokendra Singh
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सक्रिय पत्रकारिता और उसके शिक्षण-प्रशिक्षण के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल दीक्षित की नयी पुस्तक ‘मूल्यानुगत मीडिया : संभावना और चुनौतियां’ ऐसे समय में आई है, जब मीडिया में मूल्यहीनता दिखाई पड़ रही है। मीडिया में मूल्यों और सिद्धांतों की बात तो सब कर रहे हैं, लेकिन उस...