ब्लॉगसेतु

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जो शिव-शंकर को भाती है बेल वही तो कहलाती है  तापमान जब बढ़ता जाता पारा ऊपर चढ़ता जाता अनल भास्कर जब बरसाता लू से तन-मन जलता जाता  तब पेड़ों पर पकती बेल गर्मी को कर देती फेल इस फल की है महिमा न्यारी गूदा इस...
Kajal Kumar
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Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : tree felling पेड़
Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : tree पेड़ आम mango
Bhavna  Pathak
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मैं दूकान मिठाई कीमेहनत हूं हलवाई कीशहर गांव हर जगह मिलेगीताजी ताजी गरम जलेबीत्योहारों पर खूब सजेगीहर दूकान मिठाई कीरसगुल्लों की शान निरालीलाल इमरती है नखरालीपेड़े बरफी बरफी बड़े धमालीफिक्र न कर मंहगाई कीमावे के लड्डू मन भातेमोतीचूर जिया ललचातेघेवर अपने पास बुलातेल...
mahendra verma
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सूरज सोया रात भर, सुबह गया वह जाग,बस्ती-बस्ती घूमकर, घर-घर बाँटे आग।भरी दुपहरी सूर्य ने, खेला ऐसा दाँव,पानी प्यासा हो गया, बरगद माँगे छाँव। सूरज बोला  सुन जरा, धरती मेरी बात,मैं ना उगलूँ आग तो, ना होगी बरसात।सूरज है मुखिया भला, वही कमाता रोज,जल-थल-नभचर पा...
ऋता शेखर 'मधु'
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बह्र  122-122-122-122फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुनकाफ़िया-  आरेरदीफ़ - न होते=============================मतला-परिंदे कभी भी पुकारे न होतेधरा पर अगर ये सवारे न होतेहुस्न-ए-मतला-ये संसार हम भी सँवारे न होतेअगर साथ तुम यूँ हमारे न होतेअशआर-न होती अगर गाँव में बैलगा...
सुनीता शानू
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पेड़-पौधे परिवार के सदस्यों की तरह समझे जायेंगे तो वातावरण भी हमारे घर में रिश्तों में आई मिठास सा घुल जायेगा, जैसे परिवार का हर सदस्य घर में कुछ न कुछ योगदान देता ही है, पेड़-पौधे भी मनुष्य जीवन के लिये अपना सब कुछ न्यौछावर कर देते हैं...एक समय था जब हम अपने घर की...
 पोस्ट लेवल : पर्यावरण पेड़-पौधे
Madabhushi Rangraj  Iyengar
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पर्यावरण – हम क्या करें.आज पर्यावरण बहुत ही जाना पहचाना शब्द है. सबको पता है कि औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाली गैसें प्रदूषण करती हैं. जिससे पर्यावरण दूषित होता है तथा यह आम आदमी की सेहत पर विभिन्न प्रकार से दुष्प्रभाव डालता है. पर्यावरण दूषित होने से हवा में ऑक्स...
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अपने काव्य संकलन सुख का सूरज सेगीतजी रहे पेड़-पौधे हमारे लिए, दे रहे हैं हमें शुद्ध-शीतल पवन! खिलखिलाता इन्हीं की बदौलत सुमन!! रत्न अनमोल हैं ये हमारे लिए। जी रहे पेड़-पौधे हमारे लिए।।आदमी के सितम-जुल्म को सह रहे, परकटे से तने निज कथा कह रह...