ब्लॉगसेतु

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- विष्णु नागरप्रिय आम आदमी,कल आप किसी भी तरह के किसी भी आरोप में गिरफ्तार किए जा सकते हैं। आप पर यह आरोप भी लग सकता है कि आप मंदिर या मस्जिद या गुरुद्वारे रोज क्यों जाते हैं  या कि आप हिंदू या मुसलमान या सिख होते हुए भी अपने-अपने धार्मिक स्थल क्यों नहीं जाते ह...
 पोस्ट लेवल : अवाम का पैगाम
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- असित नाथ तिवारीआदरणीय निर्मला सीतारमण जी,देश का वित्त मंत्री होने के नाते 5 जुलाई को आपने देश का जो बजट पेश किया उसमें मीडिया में विदेशी पूंजी निवेश का जिक्र भी था। मीडिया में विदेशी पूंजी निवेश के लिए पहला दरवाजा स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में खुला। 26...
 पोस्ट लेवल : अवाम का पैगाम
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- सुजाताआदरणीय श्रीधरन जी,दिल्ली सरकार द्वारा मेट्रो और बसों में महिलाओं के लिए स्वेच्छा से टिकट लेने के प्रस्ताव पर अपनी ताज़ा चिट्ठी में आपने कहा है कि 'सब जानते हैं कि यह इलेक्शन गिमिक है' यह सच है कि सब जानते हैं। फिर क्या आपके 'सब' में स्त्रियां शामिल नहीं हैं?...
 पोस्ट लेवल : अवाम का पैगाम
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जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव रखते हुए संसद में अमित शाह ने कश्मीर समस्या के लिए देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया। अमित शाह ने कहा कि पटेल ने जूनागढ़ और हैदराबाद की समस्या का निबटारा किया और देश में सफल विलय कराया, लेकिन ने...
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- उर्मिलेश 'उर्मिल' आदरणीय प्रधानमंत्री जीपहली बार आपको चिट्ठी लिखने के लिए मजबूर हो रहा हूं! आशा है, अन्यथा नहीं लेंगे और उचित लगे तो इस पर विचार करेंगे! सबसे पहले तो हम आपको बहुत विनम्रतापूर्वक सिर्फ यह याद दिलाना चाहते हैं कि आप इस देश के प्रधानमंत्री...
shashi purwar
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आँखों में अंगार है, सीने में भी दर्दकुंठित मन के रोग हैं, आतंकी नामर्द१ व्यर्थ कभी होगा नहीं, सैनिक का बलदानआतंकी को मार कर, देना होगा मान२ चैन वहां बसता नहीं, जहाँ झूठ के लालसच की छाया में मिली, सुख की रोटी दाल३ लगी उदर में आग है, कंठ हुए...
shashi purwar
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१ सुबह सवेरे रोज जगाये नयी ताजगी लेकर आये दिन ढलते, शीतल रंग रूप क्या सखि साजन ? ना सखी  धूप २ साथ तुम्हारा सबसे प्यारा दिल चाहे फिर मिलूँ दुबारा हर पल बुझे  एक पहेली क्या सखि साजन ?नहीं सहेली। ३ रोज,रात -दिन, साथ हमारा &nbsp...
S.M. MAsoom
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डॉ टी एस दाराल जी मेडिकल डॉक्टर, न्युक्लीअर मेडीसिन फिजिसियन हैं , ओ आर एस पर शोध में गोल्ड मैडल-- एपीडेमिक ड्रोप्सी पर डायग्नोस्टिक क्राइटेरिया ,सरकार से स्टेट अवार्ड प्राप्त, दिल्ली आज तक पर ,दिल्ली हंसोड़ दंगल चैम्पियन, नव कवियों की कुश्ती में प्रथम पुरूस्का...
S.M. MAsoom
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अरब मैं जब इस्लाम आया था तो वहाँ ग़रीबी भी थी, जहालत भी थी. हज़रत मुहम्मद (स.अ.व) के किरदार  को उन लोगों ने इतना बुलंद देखा, कि ईमान ले आये, इस्लाम कुबूल कर लिया। इस्लाम हकीकत मैं किरदार की बुलंदी से फैला है और इस सुबूत यह है की हज़रत मुहम्मद (स.अ.व) ने एल...
S.M. MAsoom
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हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम मक्का व मदीने के दरमियान का रास्ता तय कर रहे थे। मसादफ़ आप का मशहूर गुलाम भी आप के साथ था कि अस्नाए राह में उन्होंने एक शख़्स को देखा जो दरख़्त के तने पर अजीब अन्दाज़ से पड़ा हुआ था। इमाम ने मसादफ़ से फ़रमाया, उस शख़्स की तरफ़ च...