ब्लॉगसेतु

4
--सम्बन्धों का है यहाँ, अजब-गजब संसार।घरवाली से भी अधिक, साली से है प्यार।।--अपनी बहनों से नहीं, भाई करते प्यार।किन्तु सालियों से करें, प्यारभरी मनुहार।।--जीजा-साली का बहुत, होता नाता खास।जिनके साली हैं नहीं, वो हैं बहुत उदास।।--साली से अनुराग है, सालों से ससुराल।स...
 पोस्ट लेवल : दोहे साली से है प्यार
4
 खाली बैठे रच दिया, मैंने दोहागीत।मर्म समझ लो प्यार का, ओ मेरे मनमीत।।--ढाई आखर में छिपा, दुनियाभर का सार।जो नैसर्गिकरूप से, उमड़े वो है प्यार।।प्यार नहीं है वासना, ये तो है उपहार।दिल से दिल का मिलन ही, इसका है आधार।।प्यारभरे इस खेल में, नहीं हा...
kumarendra singh sengar
21
‘हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार ज़िन्दगी में, खुशनसीब है वो जिसको है मिली ये बहार ज़िन्दगी में’ इस गीत की ये पंक्तियाँ बड़े ही दार्शनिक भाव से आये दिन किसी न किसी मंच से पढ़ने को मिलती हैं. इस दार्शनिक भाव के पीछे प्यार की परिभाषा को कितना संकुचित करके बताया जाता है,...
kumarendra singh sengar
21
सबसे बड़ा है प्यार,उसके बाद सारा संसार. प्यार के प्रतीक माने जाने वाले राधा-कृष्ण को पूजने के बाद भी प्यार शब्द के साथ भ्रान्ति क्यों? प्यार के साथ संकुचन क्यों? प्यार के साथ एकतरफा व्यवहार क्यों?क्या समझा है कभी कि प्यार है क्या? क्या जाना है कभी कि प्यार कहते...
4
--पाञ्चजन्य का नाद सुनाओ।आओ मोहन प्यारे आओ।।--ब्रजबालाएँ आहत होतीं,खारे जल से नैन भिगोतीं,बंशी की मृदु तान सुनाओ।आओ मोहन प्यारे आओ।।--सीमाओं पर उथल-पुथल है,कागा बना हुआ कुंजल है,बैरी को अब मजा चखाओ।आओ मोहन प्यारे आओ।।--शैल-शिखर पर बादल पा...
 पोस्ट लेवल : गीत आओ मोहन प्यारे आओ
kumarendra singh sengar
21
एक बहुत पुराना मधुर गीत है, पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले, झूठा ही सही. इस गीत को जितनी बार सुनो, एक अलग तरह का सन्देश देता है. अब यह सन्देश सभी सुनने वालों के लिए एक जैसा होता होगा या नहीं, कहा नहीं जा सकता. इस गीत को दो तरह से समझने की आवश्यकता है. एक तरफ यदि...
kumarendra singh sengar
21
पता नहीं लोगों की निगाह में इसे प्रेम माना भी जाता है या नहीं पर हमारे लिए तो प्रेम ही था, आज भी है. उसको जब भी देखा तो ऐसा नहीं हुआ कि देखते ही रह गए हों. ऐसा भी नहीं हुआ कि किसी विशेष आकर्षण भाव से उसे पसंद किया हो. कॉलेज समय की बात थी, देखा और एक-दो मुलाकातों के...
 पोस्ट लेवल : प्यार प्रेम
kumarendra singh sengar
21
आज की पोस्ट का बस इतना ही सार है....  कोई भी हो हर ख्वाब तो सच्चा नहीं होता, बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता,कभी दामन छुड़ाना हो तो मुश्किल हो, प्यार के रिश्ते टूटें तो, प्यार के रस्ते छूटें तोरास्ते में फिर वफाएं पीछा करती हैं. .#हिन्दी_ब्लॉगिंग
 पोस्ट लेवल : प्यार भावना रिश्ते
kumarendra singh sengar
21
किसी गलती की क्या सजा हो सकती है? ये गलती पर निर्भर करता है या सजा देने वाले की मानसिकता पर? अब सजा देने वाले के मन की कोई क्या जाने मगर जहाँ तक हमारी व्यक्तिगत राय है तो कोई भी सजा उसकी गलती के आधार पर ही निर्धारित होनी चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि सजा देने वाले की मा...
kumarendra singh sengar
21
प्रेम, प्यार, मुहब्बत, इश्क ये शब्द आज के समय में गंभीरता से नहीं लिए जाते हैं. इनके पीछे कहीं व्यंग्य का भाव, कहीं उपेक्षा का भाव, कहीं अन्योक्ति का भाव छिपा दिखता है. इश्क की चर्चा होने से पहले ही सामने वाला अपने दिमाग में एक छवि उभर कर स्थायी भाव ग्रहण कर लेती ह...