ब्लॉगसेतु

Kajal Kumar
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Kajal Kumar
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अजय  कुमार झा
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#विश्वपुस्तकमेला 2019मैं दिल्ली के लगभग हर पुस्तक मेले में ,एक पाठक जिसे किताबें खरीदने और पढ़ने का जुनून है,  की हैसियत से जरूर शिरकत करने का प्रयास करता हूँ और अधिकाँश बार सफल भी होता  हूँ | शुरआती दिनों में हिंदी साहित्य  की सिर्फ इतनी समझ थी कि तम...
Bharat Tiwari
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कभी पता तो करो कि सौ करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश में तुम्हारी किताबों की पांच सौ प्रति छापकर वो जो जगत कल्याण कर रहा है, उसमें उसका काम कैसे चल जाता है ?देखो तो सही सब धंधा है— विनीत कुमारऐसा शौक भी क्या पाल लेना कि हर बारी लेखक की ही कटेप्रिय लेखक !आप की पांडुल...
Sanjay  Grover
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संबंधित पिछली पोस्टकल फ़ेसबुक ने सूचना दी कि आपका पासवर्ड रीसेट करने के लिए कोड भेज रहे हैं, अगर यह कोशिश आपने नहीं की तो कृपया बताएं।मैंने बताया।ज़ाहिर है कि मेरा एकाउंट हैक होते-होते बचा।20-12-2018दूसरी घटना आज हुई।2016 के आसपास दो क़िताबें मैंने अमेज़न पर लगाईं थीं।...
Kajal Kumar
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Madabhushi Rangraj  Iyengar
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पुस्तक प्रकाशन हर रचनाकार, चाहे वह कहानीकार हो, नाटककार हो या समसामयिक विषयों पर लेख लिखने वाला हो, कवि हो या कुछ और, चाहेगा कि मेरी लिखी रचनाएं पुस्तक का रूप धारण करें. हाँ शुरुआती दौर में लगता है कि यह  किसी के लिए थोड़े ही लिखी जा रही है, कि प...
Sanjay  Grover
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परसों जब मैं अपने ब्लॉग नास्तिक TheAtheist की अपनी एक पोस्ट ‘मनुवाद, इलीटवाद और न्याय’ के पृष्ठ पर गया तो देखा कि उसमें पाठकों के सवालों व राजेंद्र यादव के जवाबों से संबंधित लिंक काम नहीं कर रहा। क्लिक किया तो पता लगा कि संबंधित साइट देशकाल डॉट कॉम से यह...
Sanjay  Grover
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पिछला भागपहली क़िताब मैंने पोथी डॉट कॉम पर छापी। छापी क्या वह तो ट्राई करते-करते में ही छप गई। सोचा कि यार देखें तो सही, क्या पता छप ही जाए। काफ़ी मग़जमारी करनी पड़ी पर अंततः क़िताब तो छप गई। काफ़ी कुछ सीखने को मिला पर उससे कहीं ज़्यादा अभी सीखने को बचा हुआ था। ऐसी ही कई...
अनंत विजय
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दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला शुरू हो चुका है । सोशल मीडिया पर लेखकों का उत्साह देखते ही बन रहा है । जिस लिहाज से सोशल मीडिया पर किताबों के छपने और उसके लोकार्पित होने के कार्ड पोस्ट हो रहे हैं उससे तो यही लगता है कि कम से कम प्रकाशकों पर नोटबंदी का कोई असर नहीं पड़...