ब्लॉगसेतु

ऋता शेखर 'मधु'
567
1नभ सिन्दूरीचहचहाहट सेपुलका नीड़2सांध्य नायिकाफैला रही आँचललौटे पथिक3साँझ की बेलाताकता रहा चाँदजो है अकेला4उठो मुनियादीया बाती लगाओसाँझ आयी है5बोझिल तनशाम की आहट सेहुलसा मन6वृद्ध है दिनसाँझ के साथ आईसहेली निशा
mahendra verma
279
प्रकृति ने मनुष्य को स्वाभाविक रूप से तार्किक बुद्धि प्रदान की है । मनुष्य की यह क्षमता लाखों वर्षों की विकास यात्रा के दौरान विकसित हुई है । लेकिन सभी मनुष्यों में तर्कबुद्धि समान नहीं होती । जिनके पास इसकी कमी थी स्वाभाविक रूप से उनमें आस्थाबुद्धि विकसित हो गई ।त...
mahendra verma
279
दुनिया भर के वैज्ञानिक बार-बार यह चेतावनी देते रहे हैं कि निकट भविष्य में पृथ्वी पर जीवन के लिए बुनियादी आवश्यकताओं- शुद्ध वायु, जल और भोजन के अभाव का संकट अवश्यंभावी है । कुछ देशों में इनका अभाव अभी से दिखाई दे रहा है । प्रकृति ने इन बुनियादी आवश्यकताओं की सतत उपल...
जेन्नी  शबनम
102
प्रकृति (20 हाइकु)   *******   1.   प्यार मिलता   तभी खिलखिलाता   प्रकृति-शिशु।   2.   अद्भुत लीला   प्रकृति प्राण देती   संस्कृति जीती।   3.   प्रकृत...
 पोस्ट लेवल : हाइकु प्रकृति
126
केदारनाथ जलप्रलय ---माता प्रकृति का श्राप एवं जगत पिता द्वारा दिया गया दंड ---      वह सर्वश्रेष्ठ, जगतपिता अपनी सुन्दरतम सृष्टि, प्रकृति के विनाश के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना, अपने पुत्र मानव को भी नहीं छोड़ता उसके अपराधों का दंड देने...
सुमन कपूर
315
भर दो हर दिल में मोहब्बत का रंग, मेरे मौला कि मज़हबी रंग गुलाल-ए-अमन में बदल जाए !!सु-मन 
Akshitaa (Pakhi)
124
आज विश्व गौरैया दिवस है।  एक दौर था, जब नन्ही गौरैया की चूं-चूं हर घर में सुनाई देती थी,पर अब यह प्यारी सी चिड़िया विलुप्त होने के कगार पर है। आज 'विश्व गौरैया दिवस' पर इस ओर सोचने की जरूरत है। कॉलर ट्यून में इसकी चहचहाहट सुनने की बजाय वास्तव में इसको जिन्दा रख...
जेन्नी  शबनम
102
पानी और स्त्री  *******   बचपन में पढ़ा -   पानी होता है रंगहीन गंधहीन   जिसे जहाँ रखा उस साँचे में ढला    खूब गर्म किया भाप बन उड़ गया   खूब ठंडा किया बर्फ बन जम गया   पानी क...
VMWTeam Bharat
108
ज़िंदगी तेरे नख़रे भी हजार है क्यों तुम्हे दर्द से इतना प्यार है कलम लिखने को बहुत बेक़रार है क्योंकि इश्क खुद ही आज बीमार है ज़िंदगी तेरे नख़रे भी हजार हैप्रकृति ने खुद किया तुम्हारा शृंगार है उनकी चाहत भी बेशुमार है मैसेज के साथ साथ...
Gaurav Chaudhary
648
29 सितम्बर 2017, दिन- शनिवार सितम्बर माह में लगातार तीन दिन की छुट्टियों  का योग बना। 30 सितम्बर का दशहरा, 1 अक्टूबर का रविवार और 2 को गांधी जयंती। लगातार तीन छुट्टियों को योग कोई घुम्मकड़ छोड़ दे.... यम्पॉसिबल।। हां बिलकुल ठीक मैंने भी इन छुट्टिय...