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sanjiv verma salil
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कृति चर्चा :"गाँव देखता टुकुर-टुकुर" शहर कर रहा मौज आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*[कृति विवरण - गाँव देखता टुकुर-टुकुर, नवगीत संग्रह, नवगीतकार - प्रदीप कुमार शुक्ल, प्रथम संस्करण, वर्ष २०१८, आवरण - बहुरंगी, पेपरबैक, आकार - २१ से. x १४ से., पृष्ठ १०७, मूल्य ११०/-, प्रक...
rahul dev
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बहुमुखी प्रतिभा संपन्न डॉ प्रदीप शुक्ल पेशे से बच्चों के डॉक्टर हैं और हृदय से कवि। उन्होंने इधर बहुत कम समय में अपनी प्रखर रचनात्मकता से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हिंदी में वह नवगीत और लोकभाषा अवधी के एक समर्थ कवि के रूप में उभर कर सामने आये हैं। उनका पहला कव...
 पोस्ट लेवल : डॉ प्रदीप शुक्ल