ब्लॉगसेतु

Tejas Poonia
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किताब - रिस्क एट इश्क लेखिका - इरा टाकप्रकाशक - भारत पुस्तक भंडार विधा - प्रेमपरक उपन्यास छपा हुआ मूल्य - 295समीक्षक - तेजस पूनिया प्रेम को लेकर आदिकाल और मध्यकाल से ही लेखन चलता आ रहा है। इस संसार में प्रेम ही ऐसी चीज है जो कभी मिटाई नहीं जा सक...
Bharat Tiwari
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फिर उसी अनजान नंबर से संदेश है- 'आपको मेरा नाम कैसे मालूम? आप कवि हैं या ज्योतिषी? कैसे पता चला कि मेरा नाम .... प्रियदर्शन की कथाशैली हमेशा से अच्छी रही है, रोचकता बनाये रखना वह भलीभाँति जानते हैं. किसी सच को गल्प में ऐसा कस के बुन देना कि वह सच लगते हुए भी ग...
Bharat Tiwari
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जब मज़ाक ही है, हिंदी तो मज़ाक ही सही...लेकिन याद रहे महँगा पड़ता हैहिंदी: सम्मान-व्यापार सम्मान घोषणाविजय वर्मा कथा सम्मान, सामान और अपमान — प्रियदर्शन2016 के आखिरी महीनों में कभी मेरे पास वरिष्ठ आलोचक भारत भारद्वाज का फोन आया। भारत भारद्वाज का मैं काफ़ी सम्मान...
रविशंकर श्रीवास्तव
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prabhat ranjan
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इस साल पढ़ी गई कहानियों में जिस कहानी का असर मेरे ऊपर सबसे गहरा रहा वह कहानी है प्रियदर्शन की बारिश धुआँ और दोस्त. यह कहानी किसी विराट का ताना-बाना नहीं बुनती बल्कि नई कहानी आन्दोलन की कहानियों की तरह अपने समकालीन जीवन के बहुत करीब है. संबंधों की एक धूपछाँही दुनिया...
prabhat ranjan
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इस साल मेरे समकालीनों, वरिष्ठों के कई कथा-संकलन आये लेकिन जो संग्रह मेरे दिल के सबसे करीब है वह प्रियदर्शन का 'बारिश, धुआँ और दोस्त'. प्रियदर्शन की कहानियों में समकालीन जीवन की जद्दोजहद जितनी विविधता के साथ आती है वह किसी और लेखक में कम ही दिखाई देती है. हैरानी होत...
prabhat ranjan
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कल घोषित सिनेमा के राष्ट्रीय पुरस्कारों में 'क्वीन' फिल्म के लिए कंगना रानावत को सर्वश्रेष्ठ नायिका का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. प्रियदर्शन का यह लेख 'क्वीन' के बहाने सिनेमा की बदलती नायिकाओं को लेकर है. लेख पुराना है लेकिन आज एक बार फिर प्रासंगिक लगने लगा है. आ...
prabhat ranjan
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बरसों बाद प्रियदर्शन का दूसरा कहानी संग्रह आया है 'बारिश, धुआँ और दोस्त'. कल उसका लोकार्पण था. उस संग्रह की शीर्षक कहानी. तेज भागती जिंदगी में छोटे छोटे रिश्तों की अहमियत की यह कहानी मन में कहीं ठहर जाती है. पढियेगा और ताकीद कीजियेगा- मॉडरेटर ============...
 पोस्ट लेवल : प्रियदर्शन priyadarshan
prabhat ranjan
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आज हिंदी के दुःख को उर्दू ने कम कर दिया- कल साहित्य अकादेमी पुरस्कार की घोषणा के बाद किसी मित्र ने कहा. मेरे जैसे हजारों-हजार हिंदी वाले हैं जो मुनव्वर राना को अपने अधिक करीब पाते हैं. हिंदी उर्दू का यही रिश्ता है. हिंदी के अकादेमी पुरस्कार पर फिर चर्चा करेंगे. फिल...
prabhat ranjan
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पिछले इतवार को रांची में शैलप्रिया स्मृति सम्मान का आयोजन हुआ था. इस आयोजन पर कल बहुत अच्छी रपट हमने प्रस्तुत की थी, कलावंती जी ने लिखा था. आज उस आयोजन के मौके पर 'समकालीन महिला लेखन का बदलता परिदृश्य' विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया इस गोष्ठी में  प्रियदर...