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सतीश सक्सेना
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इन दिनों भयंकर गर्मी पड़ रही है , काफी समय से दौड़ना बंद कर, आराम करने की मुद्रा में चल रहा हूँ ! हानिकारक मौसम में शरीर पर नाजायज जोर न पड़े इस कारण यह रेस्ट आवश्यक भी है मगर सम्पूर्ण आराम के दिनों खाने के चयन पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होती है ! अन्यथा ट्रकों के पीछे...
सतीश सक्सेना
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सैकड़ों बार प्रयत्न कर चुकी / चुका हूँ मगर वजन टस से मस नहीं होता, हताश हो चुकी हूँ / निराश हूँ क्या करूँ समझ नहीं आता ? 2014 से पहले यही प्रश्न है उन सबके मन में, जो जूझ रहे हैं हाई बीपी से, हृदय आघात के खतरे से , डायबिटीज से , कॉन्स्टिपेशन से , आलस्य और...
सतीश सक्सेना
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उम्र बढ़ने के साथ नीरसता आनी ही है, मैं ऐसा नहीं मानता !  नीरसता की शुरुआत, जीवन में नयी रुचियों और अपनी इच्छाओं का गला घोटने से होती है और इसके पीछे के कारणों में प्रमुख , बढ़ी उम्र में सामाजिक वर्जनाएं , खुल कर हंसने में भय, अकेलेपन के...
सतीश सक्सेना
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अभी कुछ दिन पहले ही ठंडक और कोरोना के कारण , घर में जमकर खाया और कम्बल की मेहरबानी के कारण एक दिन चेक करने पर पाया कि पूरे तीन किलो वजन बढ़ चुका है , इस उम्र ( 66 वर्ष ) में मुझे बुढ़ापा नहीं चाहिए सो उसी दिन तय कर लिया था कि एक सप्ताह में वजन सामान्य करना है !पूरे आ...
सतीश सक्सेना
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3 km या उससे अधिक रनिंग को लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग कहा जाता है , 61 वर्ष में जब मैंने दौड़ना सीखना शुरू किया था तब 100 मीटर लगभग हर लॉन्ग डिस्टेंस रनर यह सुख रनिंग के दौरान या उसके तुरंत बाद महसूस करता है और उस समय शरीर में कोई स्ट्रेस  , दर्द महसूस नहीं होता !पहल...
सतीश सक्सेना
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इस भयावह समय में अपने आप को व्यस्त रखना और मस्त रहना बेहद आवश्यक है , इससे जीवनी शक्ति में ताजगी बनी रहती है , इस शक्ति के आगे कोरोना अपने आपको बहुत कमजोर पाता है और एक सामान्य फ्लू से अधिक नुकसान नहीं कर पाता !  अधिकतर लोग इसे बढ़ाने के लिए खाने पीने...
सतीश सक्सेना
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जो लोग बरसों से बिना पसीना बहाये, ऐयरकंडीशनर ऑफिस में काम करने के आदी हो गए हैं उन्हें यह जान लेना चाहिए कि उनके शरीर की मसल्स, फेफड़ों के नियमित कार्य , धमनियों में रक्त संचार , हाथ, पैरों, रीढ़, कमर, घुटनों व शरीर के अन्य महत्वपूर्ण जॉइंट्स, बेहद धीमी गति से च...
सतीश सक्सेना
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भारत में आजकल लगभग 40 डिग्री टेम्प्रेचर है और एक नए बने रनर ट्रेनी के लिए इस गर्मी में, लम्बी दूरी दौड़ना केवल एक भयावह सपना होता है , पिछले माह जब मैं जर्मनी आया था तब अगले दिन ही यहाँ के ठन्डे मौसम में, इसार नदी के किनारे दौड़ते द...
सतीश सक्सेना
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आज चौथा दिन है पारंपरिक भोजन का त्याग किये , रोटी , दाल , चावल, सब्जियां बंद किये हुए , और आश्चर्य है कि मन एक बार भी नहीं ललचाया और न भूख लगी न कमजोरी ...शायद इसलिए कि अपने आपको चार दिन पहले बे इंतिहा गालियाँ दी थीं , अपना वजन देखने के बाद अगर उस दिन मशीन न देखता...
सतीश सक्सेना
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बिना पूर्व तैयारी लम्बे रन दौड़ने का प्रयत्न करना, सिर्फ जोश में, बचकाना पन ही कहलायेगा , मानव देह को धीरे धीरे किसी भी योग्य बनाया जा सकता है वह हर स्थिति के अनुसार अपने आपको ढाल सकती है और इसके लिए उम्र बाधा कभी नहीं होती बशर्ते सोंचने वाले की समझ ब्लाक न हो !शरीर...