ब्लॉगसेतु

Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
सुनील  सजल
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लघुकथा - संतुष्ट सोच नगर के करीब ही सड़क से सटे पेड़ पर एक व्यक्ति की लटकती लाश मिली । देखने वालों की भीड़ लग गयी ।लोगों की जुबान पर तर्कों का सिलसिला शुरू हो गया ।किसी ने कहा-"लगता है साला प्यार- व्यार  के चक्कर में लटक गया ।""मुझे तो गरीब दिखता है ।आर्थिक...
Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : vastu वास्‍तु haning फांसी
Bhavna  Pathak
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कहते हैं मुसीबतें आती हैं तो चारो तरफ से आती हैं। लोगबाग बैंकों के सामने लंबी कतार में घंटों लाइन में लगकर खड़े होने के गम को धीरे धीरे भूलने की कोशिश कर ही रहे थे कि किसान आंदोलन ने आकर पीठ पर एक जोरदार धौल जमा दी। दूध, फल, सब्जियां तो गधे के सिर से सींग की तरह गा...
रणधीर सुमन
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अफजल गुरु की फांसी का सबसे ज्यादा जबरदस्त विरोध जम्मू एंड कश्मीर की पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने एक राजनैतिक कदम बताया था और जबरदस्त विरोध किया था. वहीँ, जम्मू एंड कश्मीर विधानसभा ने अफजल गुरु का शव सौंपने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया था लेकिन उसे भी न...
रणधीर सुमन
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मानव सभ्यता का इतिहास क्रूरए असमान और हिंसक समाजों के मानवतावादी,समावेशी और कम हिंसक समाजों में परिवर्तन का इतिहास है। मानव समाज, तानाशाही से प्रजातंत्र की ओर अग्रसर हुआ, वह राजशाही से लोकशाही की तरफ बढ़ा। समाज में हमेशा से अपराधियों को सज़ा देने का प्रावधान रहा है...
शिवम् मिश्रा
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और फिर 'आम आदमी' धीरे धीरे 'घाघ आदमी' बन गया।
Kajal Kumar
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अविनाश वाचस्पति
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बात चौंकने की नहीं कुत्‍तों के भौंकने की हैआप सही पढ़ रहे हैंजो लिखा है वहीअविनाश वाचस्‍पति कोनाम के आगे मुन्‍नाभाईचस्‍पां करने का दोषीपाया गया है अतएवहिंदी ब्‍लॉग जगत समुदायने सजाए फांसी का फैसलामुकर्रर किया हैजिस किसी कोहो आपत्तिवह अपनी गर्दनभी पेश करेवरना य...
विजय कुमार सप्पत्ति
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बहुत बरस हुए .... कुछ बावरे युवाओ ने आज के दिन , इस देश के लिए फांसी को चुना !  वैसे वो काल अलग था . लेकिन आज भी वही युग है . बस कुछ नहीं है तो वो जज्बा जो देश के लिए उस वक़्त के युवाओ में था.......भगतसिंग ने अपनी जेल डायरी में लिखा था , ‘‘तुझे जिबह करने की खु...