ब्लॉगसेतु

ज्योति  देहलीवाल
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पिता हमेशा अपने बच्चों का ख्याल रखते आएं हैं...बच्चों के सामने एक आदर्श स्थापित करते आएं हैं...कुछ ऐसे ही हैं मेरे पापा...खुदा की नेमत हैं मेरे पापा...किसी की मदद करने हेतु वे हमेशा तत्पर रहते हैं...इतने कि कभी-कभी खुद के जान की पर्वा न करते हुए भी उन्होंने दूसरों...
मधुलिका पटेल
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कभी फादर्स डे कभी मदर्स डेहर साल आते हैं सब कुछ मिलता है बाज़ारों में उपहारों के लिए पर नहीं मिलता तो वो वादों के शब्दजो चाहिए होते हैं हर माता - पिता को क्योंकि वो दुकानों में नहीं दिलों में बिकते हैं और एक आश्वासन और विश्वास कीनज़रों के न...
ज्योति  देहलीवाल
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दोस्तो, घर में ‘पिता’ एक ऐसा प्राणी हैं अक्सर जिसका त्याग उपेक्षित ही रहता हैं। वास्तव में भले ही पिता एक माँ की तरह अपनी कोख से बच्चे को जन्म न दे पाएं और अपना दूध न पिला पाएं मगर सच तो यह हैं कि हर बच्चे के जीवन में अपने पिता का स्थान बहुत बड़ा और सबसे ज्यादा महत्...
महेश कुशवंश
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आज फिर नींद नही आईपता नहीं क्योऐसे तो नींद  हर रात मे  बड़ी मुश्किल से आती हैयहाँ से वहाँचहलकदमी करता मैंमुड़कर वापस बिस्तर को देखता हूँतो नेपथ्य से गूँजती हैअजीब सी  आवाज़शायद सो गई है वोअभी तो खाना खाया था साथ मेइतनी जल्दीकैसे सो जाती है वोक्या कुछ भी...
 पोस्ट लेवल : फादर्स डे
Akshitaa (Pakhi)
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पापा  का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे पापा हमें बहुत प्यार करते हैं। सबसे अच्छी बात है कि हमें खूब घुमाते हैं।  और हम लोग जब पापा से कुछ कहते हैं तो वे उसे झट से मान जाते हैं और हमारी सारी फरमाइशें पूरी करते हैं।  जून माह के तीसरे रविवार...
विजय राजबली माथुर
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परसों 13 जून को बाबूजी की 20 वीं पुण्यतिथि थी और कल 14 जून को उनके अंतिम संस्कार  का दिवस । जून का तीसरा रविवार होने के कारण आज अंतर्राष्ट्रीय 'पितृ दिवस' है। हम लोग 'वसुधेव कुटुंबकम' के अनुगामी हैं इसलिए विश्व पितृ दिवस पर एक बार फिर पिताजी का स्मरण करने का स...
 पोस्ट लेवल : बाबू जी फादर्स डे
अविनाश वाचस्पति
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 फादर्स डे के नाम पर सज गए बाजार सन सभी हो गए हैं दुकानदार फादर भी नहीं बच पाए हैं सन के दर पर नहीं आए हैं पिता दिवस के नाम पर चल रहा है धंधा अंधी हुई है कमाई बाजार की भाषा मेंपाई है मलाई पिता दिवस है आज मुझे क्‍या लेना मुझे क्‍या देना पिता को तो मेरे स्‍...
Krishna Kumar Yadav
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आज फादर्स डे है. माँ और पिता ये दोनों ही रिश्ते समाज में सर्वोपरि हैं. इन रिश्तों का कोई मोल नहीं है. पिता द्वारा अपने बच्चों के प्रति प्रेम का इज़हार कई तरीकों से किया जाता है, पर बेटों-बेटियों द्वारा पिता के प्रति इज़हार का यह दिवस अनूठा है. भारतीय परिप्रेक्ष्य...