ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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ग़ैरों को अपना बनाने का हुनर है तुममेंकभी अपनो को अपना बना कर देखो ना..ग़ैरों का मन जो घड़ी में परख लेते होकभी अपनो का मन टटोल कर देखो ना..माना कि ग़ैरों संग हँसना मुस्कुराना आसां हैकभी मुश्किल काम भी करके देखो ना..कामकाजी बातचीत ज़रूरी है ज़माने सेकभी अपनो संग ग़ै...
सुशील बाकलीवाल
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       फेसबुक की उपयोगिता व इसका खुमार सामान्यजन के जीवन में जिस तेजी से फैल रहा है चलते-फिरते इंटरनेट युक्त स्मार्फोन के इस युग में ये किसी से छुपा नहीं है । नित नए मित्रों को बढाते चले जाने वाले इन मित्रों में कौन किस प्रवृत्ति और नियत से हमसे...
अनंत विजय
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सोशल मीडिया के इस यग में ये बात बहुधा सुनाई देती है कि पहले ब्लॉग ने फिर फेसबुक ने साहित्य का लोकतंत्रीकरण कर दिया। सुनाई तो यह भी देता है कि साहित्यिक पत्रिकाओं उसके संपादकों और आलोचकों के दंभपूर्ण एकाधिकार को फेसबुक आदि ने ध्वस्त कर दिया। इस तरह की कई बातें कही ज...
Yashoda Agrawal
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लुटे न देश कहीं आज लंतरानी में ।लगा रहे हैं मियां आग आप पानी में।।खबर है सबको किधर जा रही है ये कश्ती ।जनाब जीते रहें आप शादमानी में ।।अजीब शोर है खामोशियों के बीच यहाँ ।बहें हैं ख़्वाब भी दरिया के इस रवानी में ।।सवाल जब से तरक़्क़ी पे उठ रहा यारो ।।चुरा रहे हैं नज़र ल...
Yashoda Agrawal
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आप कहते हैं दूषित है वातावरण,पहले देखें स्वयं अपना अंतःकरण।कितना संदिग्ध है आपका आचरण,रात इसकी शरण,प्रातः उसकी शरण।आप सोते हैं सत्ता की मदिरा लिये,चाहते हैं कि होता रहे जागरण।फूल भी हैं यहां, शूल भी हैं यहां,देखना है कहां पर धरोगे चरण।आप सूरज को मुट्ठी में दाबे हुय...
अजय  कुमार झा
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फेसबुक और ब्लॉगिंग के बीच मेरा ये ब्लॉग एक पुल का काम करता है जिसमें मैं फेसबुक से   शब्द सरिता के प्रवाह को मोड़ कर यहां सहेज देता हूँ ताकि ये ब्लॉग की दुनिया के पाठकों के लिए भी उपलब्ध हो जाए कर हमेशा के लिए खूबसूरती से सहेजा भी जा सके | इस बहाने यहां सक...
Yashoda Agrawal
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भीड़ देख अझुरायल हउवा?भाँग छान बहुरायल हउवा?बुधिया जरल बीज से घायलकइसे कही कि सावन आयल!पुरूब नीला, पच्छुम पीयरनीम अशोक पीपल भी पीयरकेहू ना जरको हरियायलकइसे कही कि सावन आयल!कउने डांड़े में बदरा-बदरीखेलत हउवन पकरा-पकरीधुपिया से अंखिया चुंधियायलकइसे कही कि सावन आयल!कत...
Yashoda Agrawal
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2122 1212 22पूछिये मत कि हादसा क्या है ।पूछिये दिल कोई बचा क्या है।।दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है।तेरी उल्फ़त का फ़लसफ़ा क्या है ।।सारी बस्ती तबाह है तुझसे ।हुस्न तेरी बता रज़ा क्या है ।।आसरा तोड़ शान से लेकिन ।तू बता दे कि फायदा क्या है ।।रिन्द के होश उड़ गए कैसे ।रुख से च...
Yashoda Agrawal
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सुनो लड़कियोंअपने पैरों का खास ख्याल रक्खो..देखो एड़ियाँ कटी फटी न होंनाखून ठीक आकार लिए होंबढ़िया नेल पॉलिश लगी हो..इसलिये भी कि इन्ही से दौड़ना हैअपने सपनो के पीछेअपने अपनो के पीछेऔर सबको पीछे कर के सबके आगेतो इन्हें सर पर बैठा कर रखना होगा..और इसलिए भी किव्यस्तता कि...
 पोस्ट लेवल : फेसबुक निधि सक्सेना
अजय  कुमार झा
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मेरे फेसबुक मित्रों के बेहतरीन स्टेटस ,कथ्य ,फोटो आदि को सहजने और उसे ब्लॉग जगत के साथियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इन्हें यहां साझा करता हूँ | आप भी देखिये की इन चेहरों के क्या कुछ कहा पढ़ा सुना देखा है। .........Aalok Shrivastav किसका ये रंग रूप झलकता है जिस्म...