ब्लॉगसेतु

मनीष कुमार
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जाड़ों की भली धूप का आनंद पिछले दो हफ्तों से उठा रहे थे कि अचानक उत्तर भारत की बर्फबारी के बाद खिसकते खिसकते बादलों का झुंड यहाँ आ ही गया। धूप तो गई ही, ठंड के साथ ही बारिश की झड़ी भी ले आई। मुझे याद आया कि ऐसे ही मौसम में मैंने कभी जर्मनी के म्यूनिख से आस्ट्रिया के...
मनीष कुमार
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पंडाल परिक्रमा की अंतिम कड़ी में आपको दिखाते हैं राँची के अन्य उल्लेखनीय पंडालों की झलकियाँ। रेलवे स्टेशन, रातू रोड, ओसीसी व बकरी बाजार के बाद जिन  पंडालों  ने ध्यान खींचे वो थे बाँधगाड़ी, काँटाटोली व हरमू के पंडाल।बाँधगाड़ी में दुर्गा जी के आसपास...
मनीष कुमार
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राँची के सबसे नामी पंडालों में बकरी बाजार अग्रणी हैं। सामान्यतः यहाँ के पंडाल अपनी विशालता और वैभव के लिए ज्यादा और महीन कलाकारी के लिए कम जाने जाते हैं। इस बार यहाँ सतरंगा पंडाल सजा जिसकी थीम थी बढ़ती जनसंख्या के बीच आम जनों का संघर्ष ! रंगों से भरे पंडाल में अपनी...
मनीष कुमार
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बांग्ला स्कूल का पंडाल राँची के अन्य बड़े पंडालों जितना प्रसिद्ध भले ना हो पर यहाँ कलाप्रेमी अक्सर कुछ अलग सा देखने के लिए जाते जरूर हैं। इस बार वहाँ पुतलों की दुनिया सजी थी।  पंडाल की दीवारें सिंदूरी रंग में सजी थीं। दीवारों के गोल नमूनों को बीचों बीच बल्ब से...
मनीष कुमार
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दुर्गा पूजा पंडाल परिक्रमा में आज बारी है रातू रोड के पंडाल की जहाँ सड़क के किनारे एक विशाल रथ के अंदर माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गयी है।  रातू रोड का पंडाल राँची के सबसे पुराने पंडालों में से एक है। ये वही इलाका है जहाँ यहाँ के प्राचीन नागवंशी राजवंश के...
ज्योति  देहलीवाल
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दशहरा या विजयादशमी भगवान राम की विजय के रुप में मनाया जाता हैं। दशहरा एक प्रसिद्ध हिन्दू त्योहार है जो अच्छाई की बुराई पर जीत की ख़ुशी में मनाया जाता है। यहां पर दशहरा की 15 शुभकामनाएं दी गई हैं जो आप विजयादशमी पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भेज सकते हैं। 1...
ज्योति  देहलीवाल
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नवरात्रि पर्व पुरे भारत में बहुत उत्साह के मनाया जाता है। हिंदू धर्म के लोग इस त्यौहार को भारत के अलग-अलग भागों में अलग-अलग तरह से मनाते है। एक-दुसरे को बधाई सन्देश, भेजते हैं। ‘आपकी सहेली’ नवरात्रि पर बधाई सन्देश, मैसेज, SMS, Quotes और नवरात्रि शायरी संग्रह आपके स...
मनीष कुमार
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वेनिस की यात्रा एक ख़्वाब सरीखी थी। कब ये सपना आँखों के आगे तैरा, स्मृतियों में शामिल हुआ और फिर निकल गया ये उस थोड़े से समय में पता ही नहीं चला। कभी कभी तो ये लगता है कि वेनिस के चारों ओर जो लैगून है वो एड्रियाटिक सागर की फैली हुई बाहें हों। वही बाहें जो नहरों...
ज्योति  देहलीवाल
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सोशल मीडिया पर इन दिनों न्यूजीलैंड के संसद की एक फोटो वायरल हो रहीं हैं। जिसमें स्पीकर ट्रेवर मलार्ड काम के साथ-साथ बच्चे को गोद में थामे उसे बोतल से दूध पिला रहे हैं। सांसद Tamari Coffey पितृत्व अवकाश के बाद पहली बार अपने एक महीने के बेटे के साथ संसद पहुंचे थे। Ta...
kumarendra singh sengar
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इन्सान ने अपनी भाषा का आविष्कार, शब्दों का निर्माण बाद में किया था सबसे पहले उसने चित्रों का प्रयोग करना शुरू किया था. उनके बीच बातचीत का माध्यम चित्र ही हुआ करते थे. वे चित्र या तो दीवारों पर जिंदा रहे या फिर किसी धातु के टुकड़े पर. ये चित्र मानव मन की कल्पना भी थे...