अब तुम कही भी नही होकही भी नहीना मेरी यादों मेंन मेरी बातों मेंअब मैं मसरूफ रहती हूँदाल के कंकड़ चुन'ने मेंशर्ट के दाग धोने मेंक्यारी में टमाटर बोने मेंएक पल भी मेराकभी खाली नही होताजो तुझे याद करूँया तुझे महसूस करूमैंने छोड़ दिएनावेल पढनेमैंने छोड़ दिए हैकिस्से गढ़नेअ...