ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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बच्चों के लिए जुलाई का आना पिछले वर्ष तक उत्साह का समय होता था. इस वर्ष गर्मियों की छुट्टियाँ आईं भीं और चली भी गईं मगर छुट्टियों जैसा माहौल न बना सकीं. इन गर्मियों में सभी अपनी-अपनी जगह कैद होकर रहे. न कोई कहीं घूमने जा सका, न बच्चे लोग अपनी दादी-नानी के घर जा सके...
kumarendra singh sengar
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न हम जुड़वाँ हैं और न ही ये हमारा कोई हमशक्ल है. ये हम ही हैं और एकमात्र हम ही हैं जो इस फोटो में किसी कारण से दो हो गए हैं. एक दिन पुरानी पोस्ट में शामिल इस फोटो पर कई मित्रों ने शंका रखी. ये न जुड़वाँ हैं और न कोई ट्रिक है, न ही हमने फोटोशॉप की है. ये फोटो उस फोटो...
kumarendra singh sengar
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आज हमारे जीजा जी-जिज्जी की वैवाहिक वर्षगाँठ है. 46 वर्ष हो गए इस शुभ अवसर को और देखिये हम भी इस संख्या से कोई आठ महीने आगे ही हैं. उम्र का इतना बड़ा अंतर होने के कारण जीजा जी से मजाकिया रिश्ता होने के बाद भी कभी मजाक जैसी स्थिति में नहीं आ सके. उनकी तरफ से जरूर अनेक...
kumarendra singh sengar
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वर्तमान परिदृश्य में अभिभावकों के लिए बच्चों के मनोविज्ञान को समझना एक जटिल कार्य होता जा रहा है. उनके लिए बच्चों का लालन-पालन, उनकी परवरिश को लेकर भी आये दिन समस्याजनक होता जा रहा है. अभिभावकों और बच्चों का एकदूसरे के प्रति व्यवहार भी रूखा और असंयत होता दिखता है....
kumarendra singh sengar
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गर्मी अब अपना असर दिखाने लगी है. इधर एक-दो दिन से नौतपा भी आरम्भ हो गए हैं. यह एक खगोलीय घटना है जो ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि से आरम्भ होती है. इस वर्ष यह घटना 25 मई से आरम्भ हुई जबकि सूर्य का प्रवेश कृतिका से रोहिणी नक्षत्र में होगा. खगोल विज्ञान क...
अजय  कुमार झा
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स्कूल के दिन थे वो और मैं शायद आठवीं कक्षा में , दानापुर पटना के केन्द्रीय विद्यालय में पड़ता था | उन दिनों स्कूल की प्रार्थना के बाद बच्चों को सुन्दर वचन , समाचार शीर्षक , कविता ,बोधकथा कहने सुनाने का अवसर मिलता था | अवसर क्या था बहुत के लिए तो ये सज़ा की तरह होता थ...
kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों वर्तमान परिदृश्य में तनाव मुक्त शिक्षा विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता करने का अवसर मिला. ऐसे विषय जो किसी न किसी रूप में मनोविज्ञान से जुड़े होते हैं, उन पर चर्चा करना, उनका अध्ययन करना शुरू से हमें पसंद आता रहा है. महाविद्यालय के विद्यार्थियों...
kumarendra singh sengar
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सावन का मौसम अपने आपमें अनेक तरह की रागात्मक क्रियाएं छिपाए रहता है. रक्षाबंधन का पावन पर्व, पेड़ों पर डाले गए झूले, उनमें पेंग भरते हर उम्र के लोग, गीत गाते हुए महिलाओं का झूलों के सहारे आसमान को धरती पर उतार लाने की कोशिश. सामान्य बातचीत में जब भी सावन का जिक्र हो...
kumarendra singh sengar
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तीन रूपों में एक व्यक्ति. एक रिश्ता, एक सोच. हो सकता है ऐसा लिखना बहुत से लोगों को बुरा लगे. ऐसा इसलिए क्योंकि समय के साथ बहुत से लोग मिलते रहे, बिछड़ते रहे. इसी मिलने-बिछड़ने के क्रम में बहुत से लोग ऐसे भी रहे जो कभी हमसे अलग हुए ही नहीं. ऐसे लोगों में संदीप और अभिन...
 पोस्ट लेवल : बचपन दोस्त दोस्ती
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, स्कूल जाते बच्चों की गर्मियों की छुट्टियाँ हो गईं हैं. इसके बाद भी बच्चे तनावमुक्त नहीं दिख रहे हैं. वे प्रफुल्लित नहीं दिख रहे हैं. छुट्टियों के उत्साह में, उल्लास में, मस्ती में, शरारत में, शैतानियों में वे नहीं दिख रहे हैं. मोहल्ले में, बाजार में...