ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों वर्तमान परिदृश्य में तनाव मुक्त शिक्षा विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता करने का अवसर मिला. ऐसे विषय जो किसी न किसी रूप में मनोविज्ञान से जुड़े होते हैं, उन पर चर्चा करना, उनका अध्ययन करना शुरू से हमें पसंद आता रहा है. महाविद्यालय के विद्यार्थियों...
kumarendra singh sengar
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सावन का मौसम अपने आपमें अनेक तरह की रागात्मक क्रियाएं छिपाए रहता है. रक्षाबंधन का पावन पर्व, पेड़ों पर डाले गए झूले, उनमें पेंग भरते हर उम्र के लोग, गीत गाते हुए महिलाओं का झूलों के सहारे आसमान को धरती पर उतार लाने की कोशिश. सामान्य बातचीत में जब भी सावन का जिक्र हो...
kumarendra singh sengar
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तीन रूपों में एक व्यक्ति. एक रिश्ता, एक सोच. हो सकता है ऐसा लिखना बहुत से लोगों को बुरा लगे. ऐसा इसलिए क्योंकि समय के साथ बहुत से लोग मिलते रहे, बिछड़ते रहे. इसी मिलने-बिछड़ने के क्रम में बहुत से लोग ऐसे भी रहे जो कभी हमसे अलग हुए ही नहीं. ऐसे लोगों में संदीप और अभिन...
 पोस्ट लेवल : बचपन दोस्त दोस्ती
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, स्कूल जाते बच्चों की गर्मियों की छुट्टियाँ हो गईं हैं. इसके बाद भी बच्चे तनावमुक्त नहीं दिख रहे हैं. वे प्रफुल्लित नहीं दिख रहे हैं. छुट्टियों के उत्साह में, उल्लास में, मस्ती में, शरारत में, शैतानियों में वे नहीं दिख रहे हैं. मोहल्ले में, बाजार में...
kumarendra singh sengar
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बच्चों की गर्मियों की छुट्टियाँ हो गईं. छुट्टियाँ होने के बाद भी बच्चे तनावमुक्त नहीं दिख रहे हैं. वे प्रफुल्लित नहीं दिख रहे हैं. उत्साह में, उल्लास में, मस्ती में, शरारत में, शैतानियों में नहीं दिख रहे हैं. उनके चेहरों पर आज भी वैसा ही तनाव दिख रहा है जैसा कि स्क...
 पोस्ट लेवल : मौज-मस्ती बचपन बच्चे
kumarendra singh sengar
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बच्चों को सुबह जगाने, स्कूल के लिए तैयार करने के नाम पर चीखना-चिल्लाना; उनको नाश्ता कराने-भोजन करवाने के नाम पर क्रोधित होना; उनको पढ़ाने के नाम पर, होमवर्क करवाने के नाम पर खीझना जैसे अभिभावकों के बीच सामान्य गतिविधि होती जा रही है. संभव है कि ऐसा सभी घरों में न हो...
kumarendra singh sengar
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अपने कॉलेज आने-जाने के क्रम में, नियमित शहर टहलने के क्रम में अक्सर ऐसे बच्चों से मिलना हो जाता है. बहुत से लोग ऐसे बच्चों को देखकर उनसे बचते हुए निकल जाते हैं. बहुत से लोग हैं जो इनको डाँटते-फटकारते हुए भी आगे बढ़ते हैं. समझ नहीं आया कि आखिर इन बच्चों को डाँटने-फटक...
सतीश सक्सेना
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अंततः इंतज़ार समाप्त हुआ , विधि, गौरव की पुत्री मिट्ठी ने, आज (3April) म्युनिक, जर्मनी में जन्म लिया और मुझे बाबा कहने वाली इस संसार में आ गयी !मिट्ठी का स्वागत है अपने घर में , ढेरों प्यार से !गुलमोहर ने भी बरसाए लाखों फूल गुलाल के !नन्हें क़दमों की आहट से,दर्द न जा...
kumarendra singh sengar
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बदन पर फटी बनियान, बिखरे-रूखे बाल, कंधे पर बोरी, जिसमें उसके द्वारा सड़क से, कूड़े से बटोर गया सामान भरा हुआ था. आँखों में डर का भाव लेकर उसने हाथ के इशारे से कुछ खाने के लिए पैसे की चाह में हाथ आगे बढ़ाया. अच्छी-खासी ठण्ड में एक फटी बनियान और हाफ नेकर के सहारे अपने ज...
kumarendra singh sengar
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ऐसे बच्चों को जिनकी नाक बह रही हो, कपड़े मैले-कुचैले हों, खुद भी धूल से सने हों, उनकी अवस्था देखकर लगता हो कि कई दिन से नहाये नहीं हैं, हम भी, आप भी अपने किसी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करते हैं.ऐसे बच्चे कभी गलती से हम लोगों द्वारा आयोजित भोज में दिख जाते हैं तो ह...