कुर्सी की पूजा करें, घूमे चारों धामराजनीति के खेल में , हुए खूब बदनामदीवारों को देखते, करते खुद से बातएकाकी परिवार के , बिगड़े से हालातएकाकी मन की उपज, बिसरा दिल का चैनसुख का पैमाना भरो , बदलेंगे दिन रैनमोती झरे न आँख से, पथ में बिखरे फूलसुख पैमाना तोष का , सूख...