ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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बे-ईमानदार-1बेईमानों की एक ही शर्त थी, बस, हमारे जैसे हो जाओ फिर हम तुम्हे सामाजिक कहेंगे, साहसी कहेंगे, मुक्ति का मसीहा कहेंगे, स्वतंत्र कहेंगे बल्कि, यहां तक कि ईमानदार भी कहेंगे-मैं हंसा।मैं जैसा रहूंगा ही नहीं वैसा कोई कहे भी तो ख़ुशी कैसे होगी, क्यों होगी !?ले...
Sanjay  Grover
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एक बार मैंने फ़्लैट बेचने के लिए अख़बार में विज्ञापन दे दिया, बाद में उसे 4-5 बार रिपीट भी करवा दिया। एक सज्जन (लिखते समय थोड़ा शिल्प-शैली का ध्यान रखना पड़ता है वरना ‘श्रेष्ठजन’ उखड़ जाते हैं:-) जो प्रॉपर्टी का काम करते थे, मेरे पास चले आए कि हमारे होते अख़बार में विज...
Sanjay  Grover
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अगर गांधी गांधीवाद के बिना, अंबेडकर अंबेडकरवाद के बिना, मार्क्स मार्क्सवाद, नेहरु जेएनयू के बिना पैदा हो सकते हैं और महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं (वैसे मेरी कोई गारंटी नहीं है कि इन्होंने जो भी किया अच्छा ही किया, मैं इनमें से किसीसे भी नहीं मिला, बस क़िताबों, फ़िल्मों...
Sanjay  Grover
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‘हम तुम्हे मंदिर में नहीं घुसने देंगे’ वे बोलेमैं हंसाकुछ वक़्त ग़ुज़राकई लोग हंसने लगेवे फ़िर आए और बोले-‘हम तुम्हे मंदिर पर हंसनेवालों में शामिल नहीं करेंगे’मैं हंसाकुछ वक़्त और ग़ुज़राऔर कई लोग हंसेवे फिर चले आएअबके बोले ‘हमसे घृणा मत करो’मैं हंसाबोले-‘घृणा...