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रविशंकर श्रीवास्तव
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1-माँ के आँचल जैसी धूप सूरज की किरणें हैं फैली, बिखर गई फूलों की थैली, गरम-नरम यों हाथ फेरती, माँ के आँचल जैसी है धूप। . सबको अपने पास बुलाती, जाड़े में है हमें लुभाती, प्यार भरी मुस्कान निराली, सब पर छाती मीठी धूप। . नन्हें बच्चों की है साथी, नहीं किसी से बैर दिख...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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ताजपुर जंगल में  ठंडी हवा बह रही थी। सारे जानवर अपने काम में व्यस्त थे। तभी हरी हिरन तेजी से भागता हुआ आया और बोला-सब अपने आप को बचाओ मधुमक्खियों ने हमारे जंगल पर हमला कर दिया है जो भी उनके रास्ते में आ रहा है वो उस पर अपने जहरीले डंकों से हमला कर देती है और...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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----------------------------------------------------------- || अब मम्मी सौगन्ध तुम्हारी || --------------------------------------- हम हाथों में पत्थर लेकर और न बन्दर के मारेंगे, समझ गये हम तभी जीत है लूले-लँगड़ों से हारेंगे। चाहे कुत्ता भैंस गाय हो सब हैं जीने...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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बाल कविताएँ 1-निंदिया . नींद से अच्छा नहीं लगे कुछ, सबसे प्यारी निंदिया रे। सपने नए अनोखी लाती, जादू वाली पुड़िया रे।। . थपकी दे माँ हमें सुलाती, लोरी गा-गा कर बहलाती। धीरे से है तब आ जाती, मीठी-मीठी निंदिया रे।। [ads-post] . उड़न खटोले पर बैठाती, दूर देा की सैर...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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रमेशराज के हास्य बालगीत || रामलीला || . -. ------------------ बंदर काका हनुमान थे बने रामलीला में दिखा रहे थे वहां दहन के खुब काम लीला में। जलती हुई पूंछ से उनकी छूटा एक पटाखा चारों खाने चित्त गिर गये फौरन बंदर काका। मारे डर के थर-थर कांपे फिर तो काका बंदर,...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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रमेशराज के बालगीत ------------------------------ ।। बल्ला।। -------------------------- करतब खूब दिखाता बल्ला हाथों में जब आता बल्ला। हंसते-हंसते क्रिकिट खेले जमकर गेंद घुमाता बल्ला। कपिल देव के साथ अगर हो छक्के खूब लगाता बल्ला। गावस्कर जो पिच पर आये फिर तो शत...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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|| जाड़ा || -----------------------------अब जर्सी स्वेटर की बातेंहोती हैं मफलर की बातें। सबको चाँटे जड़ती जातींअब तो शीत-लहर की बातें।घर-घर में चर्चा कम्बल की चाय और हीटर की बातें।आज सभी के मन में उभरेंबस कुहरे के डर की बातें।सिर्फ अलाव जलाये रखिएमत करिए कूलर की बा...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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रमेशराज के पर्यावरण-सुरक्षा सम्बन्धी बालगीत -------------------------------------------।। खुशबू भरी कथाएँ पेड़ ।।--------------------------------------रंग-विरंगे फूलों वालीले आयें कविताएँ पेड़।गाओ-गाओ गीत वसंतीहम सबको बतलाएँ पेड़।डाल-डाल पर कूके कोयलसबका मन हरषाती...
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रविशंकर श्रीवास्तव
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----------------------------------------------------------- || बन्दर मामा ||-------------------------बन्दर मामा पहन पजामाइन्टरब्यू को आयेइन्टरब्यू में सारे उत्तरगलत-गलत बतलाये। ऑफीसर भालू ने पूछाक्या होती ‘हैरानी’ बन्दर बोला- मैं हूँ ‘राजा’ बन्दरिया ‘है रानी’। भाल...
रविशंकर श्रीवास्तव
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---------------------------------------------------------------- || रावण || ------------------------बीस भुजाएं, दस मुख वालाबड़ा अजब और बड़ा निरालाएक साथ में दस-दस लड्डूझट खा जाता होगा रावण। बंद करके पलकें चालीसोंफैला करके बांहें बीसोंदस तकियों पर दस सिर रखकरझट सो ज...