ब्लॉगसेतु

Basudeo Agarwal
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जुल्म का हो बोलबाला, मुख पे न जड़ें ताला,बैठे बैठे चुपचाप, ग़म को न पीजिये।होये जब अत्याचार, करें कभी ना स्वीकार,पुरजोर प्रतिकार, जान लगा कीजिये।देश का हो अपमान, टूटे जब स्वाभिमान,कभी न तटस्थ रहें, मन ठान लीजिये।हद होती सहने की, बात कहें कहने की,सदियों पुराना अब, मौन...
Basudeo Agarwal
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भरा पाप-घट तब हुआ, मोदी का अवतार।बड़े नोट के बन्द से, मेटा भ्रष्टाचार।।जमाखोर व्याकुल भये, कालाधन बेकार।सेठों की नींदें उड़ी, दीन करे जयकार।।नई सुबह की लालिमा, नई जगाये आश।प्राची का सूरज पुनः, जग में करे प्रकाश।।चोर चोर का था मचा, सकल देश में शोर।शोर तले जनता लखे, नव...
Basudeo Agarwal
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फटाहाल दिखला ये अपना, करुण कहानी किसे बताते।टपका कर आँखों से  मोती, अन्तः वाणी किसे सुनाते।सूखे अधरों की पपड़ी से, अंतर्ज्वाला किसे दिखाते।अपलक नेत्रों की भाषा के, मौन निमन्त्रण किसे बुलाते।।1।।रुक रुक कर ये प्यासी आँखें, देख रही हैं किसकी राहें।बींधे मन के दुख...
Basudeo Agarwal
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बह्र:- 2122  2122  2122  212जनवरी के मास की छब्बीस तारिख आज है,आज दिन भारत बना गणतन्त्र सबको नाज़ है।ईशवीं उन्नीस सौ पच्चास की थी शुभ घड़ी,तब से गूँजी देश में गणतन्त्र की आवाज़ है।आज के दिन देश का लागू हुआ था संविधान,है टिका जनतन्त्र इस पे ये हमारी लाज...
Basudeo Agarwal
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बह्र:- 221  2121  1221  212 गिर्दाब में सफ़ीना है पतवार भी नहीं,चारों तरफ अँधेरा, मददगार भी नहीं।इंकार गर नहीं है तो इक़रार भी नहीं,नफ़रत भले न दिल में हो पर प्यार भी नहीं।फ़ितरत हमारे देश के नेताओं की यही,जितना दिखाते उतने मददगार भी नहीं।रिश्तों से...
Basudeo Agarwal
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22  22  22  22जग में जो भी आने वाला,वह सब इक दिन जाने वाला।कौन निभाये साथ दुखों में,हर कोई समझाने वाला।साथ चला रहबर बन जो भी,निकला ख़ार बिछाने वाला।लाखों घी डालें जलती में,बिरला आग बुझाने वाला।आज कहाँ मिलता है कोई,सच्ची राह दिखाने वाला।ऊपर से ले नीचे...
Basudeo Agarwal
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हिफ़ाजत करने फूलों की रचे जैसे फ़ज़ा काँटे, खुशी के साथ वैसे ही ग़मों को भी ख़ुदा बाँटे,अगर इंसान जीवन में खुशी के फूल चाहे नित,ग़मों के कंटकों को भी वो जीवन में ज़रा छाँटे।(1222×4)*********मौसम-ए-गुल ने फ़ज़ा को आज महकाया हुआहै,आमों पे भी क्या सुनहरा बौर ये आया हुआ है...
Basudeo Agarwal
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परंपराएँ निभा रहे हैं,स्वयं में रम दिन बिता रहे हैं,परंतु घर के कुछेक दुश्मन,चमन ये प्यारा जला रहे हैं।(12122*2)*******आपके पास हैं दोस्त ऐसे, कहें,साथ जग छोड़ दे, संग वे ही रहें।दोस्त ऐसे हों जो बाँट लें दर्द सब,आपके संग दिल की जो पीड़ा सहें।(212*4)*******यारो बिस्त...
Basudeo Agarwal
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बहर:- 22  121 22,  22  121 22(पदांत का लोप, समांत 'आरी')ममता की जो है मूरत, समता की जो है सूरत,वरदान है धरा पर, ये बेटियाँ हमारी।।माँ बाप को रिझाके, ससुराल को सजाये,दो दो घरों को जोड़े, ये बेटियाँ दुलारी।।जो त्याग और तप की, प्रतिमूर्ति बन के सोहे,निस्...
Basudeo Agarwal
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तूईशमैं जीवतेरा अंश,अरे निष्ठुरपर सहूँ दंश,तेरे गुणों से भ्रंश।11**मैंलखतुम्हारास्मित-हास्यअति विस्मित;भाव-आवेग मेंहृदय  तरंगित।2।**येतेराशर्माना,मुस्कुरानाकरता मुझेआश्चर्यचकितरह रह पुलकित।3।**बासुदेव अग्रवाल 'नमन'तिनसुकिया23-06-19