ब्लॉगसेतु

Kajal Kumar
0
Kajal Kumar
0
Kajal Kumar
0
रवीन्द्र  सिंह  यादव
0
ज्ञात नहीं अब कहाँ हो तुममैं आज भी हूँ उसी स्मृति में गुम जब तुम्हें सी ऑफ़ करनेतीन मई नवासीइकत्तीस साल पूर्व    रेलवे स्टेशन पर प्लेटफ़ॉर्म चार पर उस ट्रैन में बैठाया था जो ले गयी तुम्हें मुझसे बहुत दूर वह...
विजय राजबली माथुर
0
कोरोना से पैदा हुये हालातों पर उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों का बयान : लखनऊ- 18 अप्रेल 2020, कोरोना वायरस की महामारी को पराजित करने के लिये लाकडाउन से भी ज्यादा जरूरी है कि बड़े पैमाने पर जांच कराई जाये, संक्रमित पाये गये  लोगों का समुचित इलाज कराया जाये और...
मुकेश कुमार
0
बोनसाई पेड़ों जैसीहोती है जिंदगी, मेट्रो सिटी में रहने वालों कीमिलता है सब कुछलेकिन मिलेगा राशनिंग मेंपानीबिजलीवायुघर की दीवारेंपार्किंगयहाँ तक की धूप भीसिर्फ एक कोना छिटकता हुआहै न सचख़ास सीमा तक कर सकते हैं खर्चपानी या बिजलीअगर पाना हैसब्सिडाइज्ड कीमतवर्नाभुगतो बजट...
भावना  तिवारी
0
          हेमन्त ऋतु अपने यौवन पर  है , रात्रि- समारोहों आदि में ठिठुरन से बचने के लिए  अलाव जलाए जाने  का क्रम प्रारम्भ हो चला है | प्रस्तुत है एक ठिठुरती हुई रचना .....        &n...
Ravindra Pandey
0
क्यों छूट गया हाथ से, आँचल का वो कोना।दुनिया मेरी आबाद थी, जिस के तले कभी।।एक तेरा साथ होना, था सबकुछ हमारे पास।हासिल जहां ये हमको, लगता है मतलबी।।परमपिता का जाने, ये कैसा अज़ीब न्याय।जिसको उठा ले जाये, चाहे वो जब कभी।।सहमी हुई है  धड़कन,  बदहवास  है&n...
Kajal Kumar
0
सुशील बाकलीवाल
0
          एक अमीर आदमी अपने बेटे को लेकर गाँव गया, ये दिखाने कि गरीबी कैसी होती है । गाँव की गरीबी दिखाने के बाद उसने अपने बेटे से पूछा - "देखी गरीबी ?"           ...