ब्लॉगसेतु

महेश कुमार वर्मा
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22 मार्च 2010 को बिहार में बिहार दिवस मनाया गया. बिहार के स्थापना के 98 वीं वर्षगाँठ पर पहली बार मनाया जाने वाला इस बिहार दिवस का मुख्य कार्यक्रम बिहार सरकार की ओर से 22 , 23 व 24 मार्च 2010 को पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया गया. 24 .03 .2010 को बिहार दिवस क...
महेश कुमार वर्मा
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अपने पिछले पोस्ट में मैं बताया कि बिहार में पारिवारिक सर्वेक्षण के आंकड़ा में किस-किस तरह के गलती भरे पड़े हैं। और सच्चाई का खुलासा करते हुए आज मैं बता रहा हूँ कि BPL परिवार के लिए RSBY के स्मार्ट कार्ड बनाने में तथा उसे वितरित करने में किस तरह के अनियमितता बरती गयी...
महेश कुमार वर्मा
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अपने पिछले पोस्ट में मैं इस बात को स्पष्ट करने की कोशिश की है कि किस प्रकार चुनाव आयोग का मतदाता सूचि व फोटो पहचान पत्र के कार्य में गड़बड़ी होती है और सरकार द्वारा पानी के तरह पैसे खर्च किये जाने के बावजूद भी सही ढंग से कार्य नहीं होता है और गलती में सुधार नहीं हो...
महेश कुमार वर्मा
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चुनाव आयोग मतदाता सूचि व मतदाता पहचान पत्र बनाने में काफी पैसे खर्च कर रही है। पर मतदाता सूचि व मतदाता पहचान पत्र में गलत आंकड़ा में कमी नहीं हो रही है। और जगह की बात तो मैं नहीं कह सकता पर बिहार में तो स्थिति यही है। यहाँ के मतदाता सूचि व मतदाता पहचान पत्र मतदाता म...
महेश कुमार वर्मा
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मैं अपने पिछले पोस्ट में परीक्षा में कदाचार का जिक्र किया है। विचारनीय है कि परीक्षा व मूल्यांकन में कदाचार के लिए जिम्मेवार कौन है? मैं जोर देकर कहता हूँ कि परीक्षा में कदाचार के लिए जिम्मेवार और कोई नहीं बल्कि परीक्षार्थी के अभिभावक रहते है। जी हां अभिभावक,...
 पोस्ट लेवल : समाज विचार बिहार
महेश कुमार वर्मा
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जैसा कि पिछले पोस्ट में मैंने लिखा कि किस प्रकार आरक्षण नीति के कारण अयोग्य को महत्त्वपूर्ण कार्य दे दिया जाता है और इस कारण देश विकास के राह पर न चलकर पतन की ओर जाता है। योग्य व्यक्ति को दरकिनार कर अयोग्य व्यक्ति को कार्य सौंपना व्यक्ति के प्रतिभा के साथ खिलवाड़ ही...
 पोस्ट लेवल : समाज विचार बिहार
शरद  कोकास
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        इलाहाबाद संगोष्ठी के बाद हिन्दी के सुप्रसिद्ध आलोचक श्री नामवर सिंह हिन्दी ब्लॉगर्स के लिये अब नये नहीं रहे । चिठ्ठा शब्द की उत्पत्ति को लेकर उनका बयान इन दिनों चर्चा में है । साहित्य से जुड़े लोग तो खैर उन्हे जानते ही थे ।साहित्यका...
अशोक पाण्‍डेय
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भारत में अनेक बड़े राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक व आर्थिक परिवर्तनों का सूत्रपात बिहार से हुआ है। लेकिन मौजूदा बिहार में वैसे नवाचारों की कल्‍पना नहीं की जाती। इसलिए बिहारी मिट्टी से जन्‍मा कोई शख्‍स शौचालय जैसी तुच्‍छ चीज के जरिए संभावनाओं का सूर्योदय करा डाले तो बात...