ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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* मलिक साहब मेरठ कालेज, मेरठ के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे हैं । जिस वर्ष 1969 में मैंने वहाँ प्रवेश लिया उसी वर्ष उन्होने कालेज छोड़ा था किन्तु कालेज से संपर्क लगातार बनाए रखा था।**इसी सभा में एक बहुत महत्वपूर्ण जानकारी भी सत्यपाल मलिक साहब द्वारा दी गई थी। उन्होने मशहूर...
विजय राजबली माथुर
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 * बिहार में तेजस्वी बूथ और गांव लेवल पर  * *   कांशीराम वाले बसपा की तरह काम नहीं  * * *   अखिलेश सिर्फ फैंसी रैली करते हैंPrashant Kanojiya15-05-2018  बिहार में तेजस्वी बूथ और गांव लेवल पर : 2019 मे...
शिवम् मिश्रा
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ऊ एकदम अंधेरा कमरा था. हमको कुछ भी देखाई नहीं देता था. आँख बंद होने के बाद भी हमको समझ में नहीं आता था कि हमको नींद आ रहा है कि हम जगे हुये हैं. कोनो-कोनो समय लगता था कि एही अंधेरा हमरा दुनिया है अऊर इसके आगे कुच्छो नहीं है. ईहो समझ नहीं पाते थे कि ई सजा है कि हिफा...
Akhilesh Karn
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फिल्म : दिल लागल दुपट्टा वाली सेगायक: उदित नारायण और कल्पनागीतकार : विनय बिहारीसंगीतकार : विनय बिहारीदिल दिलबर के नाम से धरकल करेला होदिल दिलबर के नाम से धरकल करेला होदिल दिलबर के नाम से धरकल करेला होपुरबा में जैसे चुनरी  पुरबा में जैसे चुनरी पुरबा में जै...
Yashoda Agrawal
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बाधाएं आती हैं आएंघिरें प्रलय की घोर घटाएं,पांवों के नीचे अंगारे,सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,निज हाथों से हंसते-हंसते,आग लगाकर जलना होगा।कदम मिलाकर चलना होगा।हास्य-रुदन में, तूफानों में,अमर असंख्यक बलिदानों में,उद्यानों में, वीरानों में,अपमानों में, सम्मानों में,उन्न...
 पोस्ट लेवल : अटल बिहारी बाजपेयी
Akhilesh Karn
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गायिका : कल्पनाफिल्म : दीवानागीतकार: विनय बिहारीसंगीतकार: अशोक कुमार दीपलूटा दऽ खुद के यार पे भरोसा रखऽ प्यार पेलूटा द खुद के यार पे भरोसा रखऽ प्यार पेकभो का भइल जीत बा कबो न हारल प्रीत बातू एही अकबार पे लूटा दऽ खुद के यार पे लूटा दऽ खुद के यार पे भरोसा रखऽ प्...
शिवम् मिश्रा
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अब त हमरे पास आपलोग से माफी माँगने का भी मुँह नहीं रह गया है. बाकी देस का कानून के हिसाब से बिना सफाई सुने हुए सजा सुनाना भी गैरकानूनी बात है. एही से कम से कम हमरे दिल का व्यथा त सुनिये लीजिये. नया साल का सुरुआत के साथ नवरात्रि का भी पूर्नाहुति का समय आ गया है. लेक...
sanjiv verma salil
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ॐ दोहा सलिला प्रेम बिहारी मिश्रआत्मज: स्व. श्रीमती नन्ही मिश्र- स्व. श्री कैलाश बिहारी मिश्र।जीवन संगिनी: श्रीमती सुलेखा मिश्र।जन्म: १३ दिसंबर १९४६, ग्वालियर (म.प्र.)।संप्रति: सहायक निदेशक, सीमा सुरक्षा बल (सेवा-निवृत्त), संस्थापक-संचालक दिल्ली कविता मंडल...
शिवम् मिश्रा
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ज़माना चाहे केतनो एडभांस हो जाए, अन्धबिस्वास खतम नहीं होता है अऊर लोग अजीब अजीब तरह का अन्धबिस्वास पालने लगता है. अब ई अन्धबिस्वास का न गोड़ होता है न हाथ, मगर चलता त है. अब बताइये कि दही खाकर जाने से काम सफल होता है, त इसमें दही का कमाल है कि ऊ आदमी का, जो मेहनत किय...
शिवम् मिश्रा
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ब्लॉग से फेसबुक, फेसबुक से मोबाइल, मोबाइल से वाट्सएप्प ... मिले मुझे सलिल भाई . विनम्रता, स्पष्टता, शालीनता से सामना होता रहा और दिल से दुआएँ निकलती रहीं . अब जब आज जन्मदिन है तब तो सर पर हाथ रखना ही है और कहना है ... खुदा दिलजलों की नज़र से बचाए, फिर भी दिलजले आ ही...