ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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कर्तव्य के पुनीत पथ कोहमने स्वेद से सींचा है,कभी-कभी अपने अश्रु और—प्राणों का अर्ध्य भी दिया है।किंतु, अपनी ध्येय-यात्रा में—हम कभी रुके नहीं हैं।किसी चुनौती के सम्मुखकभी झुके नहीं हैं।आज,जब कि राष्ट्र-जीवन कीसमस्त निधियाँ,दाँव पर लगी हैं,और,एक घनीभूत अंधेरा—हमारे...
Bhavna  Pathak
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            गंगा-जमुनी तहज़ीब अवध के ज़र्रे ज़र्रे में रची बसी है। शहरी इलाका हो या ठेठ देहात हर कहीं इसका नज़ारा किया जा सकता है। मंझनपुर उस समय एक ऊंघता हुआ छोटा सा कस्बा ही हुआ करता था। अब तो कौशाम्बी का जिला मुख्यालय हो जाने से काफ...
अमितेश कुमार
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अनिल अजिताभ फिल्मकार और निराला पत्रकार हैं. बिहार से पहले आधुनिक अभिनेता को याद कर रहे हैं.निराला"अरे का बदल गया माधो पांडे के राज में? का बदल गया?""माधो पांडे का सतरंगा खेल जानोगे तो तरवा से पसेना निकलेगा, पसेना"."इ माधो पांडे एक नम्मर का जनावर चोर है.""बेरेन तो आ...
शिवम् मिश्रा
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हमारे जइसा अदमी के बारे में आपलोग सोचते होंगे कि का मालूम कहाँ से परगट होता है अऊर फिर उसके बात अंतर्धान हो जाता है. जब पचास गो बुलेटिन पूरा होता है तब ई बिहारी कहीं से टपक जाता है अऊर एगो पोस्ट डालकर लापता. आजो आपलोग एही सोच रहे होंगे कि १९५० वाँ बुलेटिन का ब...
Ravindra Prabhat
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कहा गया है कि साहित्य की अमृतधारा हास्य और व्यंग्य से होकर ही गुजरती है। जहां हित की भावनाएं हिलकोरें मारती है, वहीं से प्रस्फुटित होती  है हास्य और व्यंग्य की एक अलग धारा जो पत्र-पत्रिकाओं के रास्तों से गुजरते हुये मंच पर श्रोताओं के बीच जाकर पूर्णता को...
Akhilesh Karn
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फिल्म : हो गइनी पागल दीवानागायक: सुनील छैला बिहारीगीतकार: सुनील छैला बिहारीसंगीतकार : धनंजय मिश्रातोहके बनाइब हम आपन दुल्हनियातोहके बनाइब तोहके बनाइब हम आपन दुल्हनियाआम तर मिलिह मोर सजनियाआम तर मिलिह मोर सजनियाआम तर मिलिह मोर सजनियातोहके बनाइब हम आपन दुल्हनिया...
शिवम् मिश्रा
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भारत के महान क्रान्तिकारी एवं स्वतंत्रता-संग्राम-नेता : रासबिहारी बोसरासबिहारी बोस (बांग्ला: রাসবিহারী বসু, जन्म:२५ मई, १८८६ - मृत्यु: २१ जनवरी, १९४५) भारत के एक क्रान्तिकारी नेता थे जिन्होने ब्रिटिश राज के विरुद्ध गदर षडयंत्र एवं आजाद हिन्द फौज के संगठन...
Akhilesh Karn
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फिल्म : मैं बिहार का छोरागायक : सुनील छैला बिहारीगीतकार : संगीतकार : ननदी के बतिया सुनिके फाटे ला करेजवा हमरे बाबूजीकइसन घरे कइला तुह बियाह हमरे बाबूजीकइसन घरे कइला तुह बियाह हमरे बाबूजीननदी के बतिया सुनिके हो ननदी के बतिया सुनिके फाटे ला करेजवा...
मुकेश कुमार
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बात 25 दिसंबर 2003 की है, मेरी पोस्टिंग प्रधानमत्री कार्यालय के जनरल सेक्शन में हुआ करती थी. उस समय के तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन था, छुट्टी का दिन था, मेरे ऑफिसर ने एक दिन पहले ही कहा था मुकेश तुम ही आ जाना और सारे अरेंजमेंट देख ल...
शिवम् मिश्रा
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साल १९५६. दो मशहूर थियेटर ग्रुप और कलकत्ता के प्रसिद्ध थियेटर में उनके नाटकों का मंचन. इत्तेफाक से दोनों ग्रुप को एक ही तारीख दे दी गई थी. लेकिन लोग प्रोफेशनल रहे होंगे, उन्होंने तारीखों को आगे पीछे कर लिया. ये सुलह आपसी मोहब्बत से हो गई. लेकिन इस सुलह के दरमियान,...