ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
जन्मेजय तिवारी
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             ‘आप पत्रकार लोग भी तिल का ताड़ बनाने के उस्ताद होते हैं ।’ उन्होंने मुझे देखते ही ताना मारा ।   ‘पर आतंकवाद को आप तिल कदापि नहीं कह सकते । वह तो कब का ताड़ बन चुका है ।’ मैंने प्रतिवाद करने की कोशिश करत...
शिवम् मिश्रा
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आज़ादी मुफ़्त नहीं मिलती, इस की असली कीमत हमारे वीर सैनिक चुकाते हैं। अपने सैनिकों और सेना का सम्मान करना सीखिए।   जिन का आदर्श वाक्य, स्वधर्मे निधनं श्रेयः (कर्तव्य पालन करते हुए मरना गौरव की बात है।) हो, उन से इस से कम की कोई अपेक्षा की भी नहीं जा सकती।"वीरा...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  रिहाई मंच के प्रवक्ताओं शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने जारी बयान में कहा है कि ‘मोदी गो बैक’ का नारा देकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
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@narendramodi की सरकार अगले कम से कम दो कार्यकाल न हट पाने की आहट से जो, वैचारिक मैथुन करने वाले बंधु नरेंद्र मोदी में बहुतायत खूबियां देख पाए थे। अब फिर उनकी आंखों के चश्मे का नंबर बदल गया है। अब उन्हें नजदीक की मोदी सरकार धुंधली दिखने लगी है। दूर की राहुल गांधी क...
दिनेशराय द्विवेदी
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हम अन्याय को संस्थाबद्ध करते जा रहे हैं -अरुंधति रॉय(लीजिए, हिंदी में पढ़िये अरुंधति का इंटरव्यू। गोरखपुर फ़िल्म फ़ेस्टिवल के दौरान 23 मार्च को मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय से हुई मेरी बातचीत अंग्रेज़ी पाक्षिक “गवर्नेंस नाऊ” में छपी है। लेकिन जब लोग यह जान गये हैं क...
संतोष त्रिवेदी
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इस देश को यदि कोई खतरा है तो वह बुद्धिजीवियों से ही है। अकल'मंद' इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष ठहरते हैं।वे तुलसीदास बाबा की चौपाई ‘कोउ नृप होय हमहिं का हानी’ का स्थायी जाप करके कई फ़ौरी संकटों से निजात पा सकते हैं ।बुद्धिजीवी को सामने दिखती हुई चीज़ भी नहीं दिखाई...
संतोष त्रिवेदी
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 अंततः वे लालकिले में चढ़ाई करने में सफल हो गए।पिछली बार वाला लालकिला नकली था पर लोगों को दहाड़ असली सुनाई दी थी।उसी उम्मीद में इस बार कई लोग यह देखने बैठे थे कि नकली लालकिले से जो सीना छप्पन इंच फूल सकता है,असली लालकिला पाकर कहीं वह वह फूल कर कुप्पा न हो जाय ;प...
विजय राजबली माथुर
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सोशल मीडिया के बहाने जनता, विचारधारा और तकनोलॉजी के बारे में कुछ बातेंFebruary 12, 2014 at 9:35pm--कविता कृष्‍णपल्‍लवीमार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक ईजाद करके भूमण्‍डलीय मीडिया बाजार में एक इजारेदार पूँजीपति के रूप में अपनी जगह बना ली। लेकिन यह केवल मुनाफा कूटने का ही सा...
केवल राम
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वैसे तो परम्पराओं के प्रति आकृष्ट होना कोई बुरी बात नहीं है, वह हमारे जीवन और आधार का हिस्सा हैं, हमें उनका निर्वाह करना चाहिए, लेकिन वक़्त और हालात को देखते हुए, उनकी प्रासंगिकता और व्यावहारिकता को देखते हुए. वर्ना हममें इतना भी साहस होना चाहिए कि हम उन पुरानी, अव्...