ब्लॉगसेतु

सतीश सक्सेना
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अंततः इंतज़ार समाप्त हुआ , विधि, गौरव की पुत्री मिट्ठी ने, आज (3April) म्युनिक, जर्मनी में जन्म लिया और मुझे बाबा कहने वाली इस संसार में आ गयी !मिट्ठी का स्वागत है अपने घर में , ढेरों प्यार से !गुलमोहर ने भी बरसाए लाखों फूल गुलाल के !नन्हें क़दमों की आहट से,दर्द न जा...
ज्योति  देहलीवाल
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आजकल ‘बेटी पढ़ाओ’ अभियान की चारों ओर खुब चर्चा हैं। सहीं भी हैं...पढ़ेगी बेटी तो ही बढ़ेगी बेटी। नारी को समाज में समान दर्जा दिलाने के लिए, नारी अत्याचार पर रोक लगाने के लिए ‘बेटी पढ़ाओ’ अभियान बहुत ज़रुरी हैं। पढ़ने में आया हैं कि काशी हिन्दु विश्वविद्यालय (बीएचयु) का...
मुकेश कुमार
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आज पार कर लिया है तुमने उम्र का सत्रहवां घेरा भीबेशक नहीं है कोई बड़ी घटनान ही हमने उसको खास बनाने की..की कोशिशपर जो पहली उम्मीद मुझमें जगी वो ये किअब हर बार यात्राओं मेंसूटकेस लेकर चलोगे तुम आगेहर बार याद दिलाओगे तुम किरुकिए पापामम्मी रह गयी है पीछेहर थमत...
ज्योति  देहलीवाल
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दिपाली की गर्भावस्था में उसके ससुराल वाले सभी लोग उसका पूरा-पूरा ख्याल रख रहे थे। ज्यादा वजन न उठाने देना, पौष्टिक भोजन देना और हर तरह से उसे खुश रखना ताकि आने वाले बच्चे पर सकारात्मक असर पडे। दिपाली भी जितना उससे बन पड़ता था छोटे-छोटे काम करती रहती थी ताकि सास को ज...
सरिता  भाटिया
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किया बुढ़ापे के लिये, सुत लाठी तैयार।बहू उसे लेकर गई, बूढ़े ताकें द्वार।।बहू किसी की है सुता, भूले क्यों संसार।गेह पराये आ गई ,करो उसे स्वीकार।।किया बुढ़ापे के लिये, बेटा सदा निवेश।पर धन बेटी साथ दे , बेटा गया विदेश।।बहू अगर माँ मान ले ,बोझ लगे ना सास।घुलमिल ही परिवार...
 पोस्ट लेवल : बेटी दोहे बहू छंद बेटा
Kajal Kumar
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विजय कुमार सप्पत्ति
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"माँ का बेटा"वो जो अपनी माँ का एक बेटा थावो आज बहुत उदास है !बहुत बरस बीते ,उसकी माँ कहीं खो गयी थी .....उसकी माँ उसे नहलाती ,खाना खिलाती , स्कूल भेजतीऔर फिर स्कूल से आने के बाद ,उसे अपनी गोद में बिठा कर खाना खिलातीअपनी मीठी सी आवाज़ में लोरियां सुनाती ..और उसे सुल...
Yashoda Agrawal
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छुट्टियों के बाद स्कूल में मेरा पहला दिन था। नीना को सामने से आता देख मुझे अचम्भा सा हुआ। वह स्कूल की पी.टी. अध्यापिका है। पूरा दिन चुस्त-दुरुस्त, मुस्काती, दहाड़ती, हल्के-हल्के कदमों से दौड़ती वह कभी भी स्कूल में देखी जा सकती है। आज वह, वो नीना नहीं कुछ...
सरिता  भाटिया
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पति पत्नी यूँ आजकल, करते हैं गुड फील।रिश्ते हैं सब नाम के, होती केवल डील।।बेटा कहता बाप से ,फ्यूचर मेरा डार्क। रास न आये इण्डिया ,जाना है न्यूयार्क।।बेटी कहती माँ सुनो,तुम तो रही गँवार।पढ़ लिख कर हम क्यों भला ,समय करें बेकार।।मात पिता देते सदा,जिनको आशीर्वाद।वृ...
Kajal Kumar
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उसकी उमर बहुत हो गई थी. पर फि‍र भी घर के नज़दीक ही एक डॉक्‍टर के छोटे से प्राइवेट क्‍लीनि‍क में सफाई-पोचे का काम करती थी. घर पर कुछ ख़ास काम नहीं होता था सो, सुबह-सवेरे पहुंच जाती, धीरे-धीरे आराम से काम नि‍पटाती, पूरा दि‍न वहीं रहती और फि‍र शाम को ही घर जाती. एक द...