Mukesh Tyagi"समाज में स्वतन्त्र चिंतन-विचार को भी नियंत्रित करने का अभियान चल रहा है क्योंकि पूँजी और मुनाफे के इस संकेन्द्रण से अधिकाँश लोगों के जीवन में जो गहन संकट पैदा होगा उसके ख़िलाफ़ होने वाले हर प्रतिरोध को पहले ही दबा देने की कोशिश की जा रही है। फासीवादी हमल...