ब्लॉगसेतु

Ashish Shrivastava
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न्यु हारिजोंस(New Horizones) अंतरिक्षयान के प्लूटो अभियान की सफलता के साथ ही मानव ने सौर मंडल के मुख्य पिंडो की प्राथमिक यात्रा पूरी कर ली है। अब ब्रेकथ्रु स्टारशाट(Breakthrough Starshot) अभियान तथा एचबार टेक्नालाजीस(Hbar Technologies) जैसी कंपनीयों के द्वारा सौर म...
Ashish Shrivastava
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चित्रकार की कल्पना के अनुसार तीन तारो की प्रणाली मे HD 131399Ab ग्रह। वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 340 प्रकाशवर्ष दूर और बृहस्पति ग्रह के द्रव्यमान से चार गुना वजनी एक नए ग्रह की खोज की है जो तीन तारों की परिक्रमा लगाता है और मौसमों के अनुरूप हर दिन तीन बार सूर्योदय और...
Ashish Shrivastava
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बड़े आकार के लिये चित्र पर क्लिक करें सूर्य पृथ्वी की कक्षा, मंगल और उससे बाहर जाने वाले अंतरिक्ष यानो को ऊर्जा देता है। नासा के बृहस्पति ग्रह पर जाने वाला जुनो अभियान सौर ऊर्जा चालित अधिकतम दूरी वाला अंतरिक्षयान है। इस अभियान की सफ़लता से भविष्य मे सौर ऊर्जा चालित अ...
Ashish Shrivastava
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लेखक -प्रदीप सदियों से  ब्रह्माण्ड मानव को आकर्षित करता रहा  है। इसी आकर्षण ने खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्माण्डीय प्रेक्षण और ब्रह्माण्ड अन्वेषण के लिए प्रेरित किया। रात के समय यदि हम आसमान में दिखाई देने वाले तारों का अवलोकन करते हैं, तो हमे दूरबीन के बिना भी कुछ ब...
Ashish Shrivastava
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लेखक -प्रदीप (Pk110043@gmail.com) आकाश में सूरज, चाँद और तारों की दुनिया बहुत अनोखी है। आपने घर की छत पर जाकर चाँद और तारों को खुशी और आश्चर्य से कभी न कभी जरुर निहारा होगा। गांवों में तो आकाश में जड़े प्रतीत होने वाले तारों को देखने में और भी अधिक आनंद आता है, क्यो...
Ashish Shrivastava
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विश्व के सर्वाधिक प्रतिभावान मस्तिष्को ने गणित के प्रयोग से ब्रह्माण्ड के अध्ययन की नींव डाली है। इतिहास मे बारंबार यह प्रमाणित किया गया है कि मानव जाति के प्रगति पर्थ को परिवर्तित करने मे एक समीकरण पर्याप्त होता है। प्रस्तुत है ऐसे दस समीकरण। 1.न्युटन का सार्वत्रि...
Ashish Shrivastava
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लगभग सौ वर्ष पहले 1915 मे अलबर्ट आइंस्टाइन (Albert Einstein)ने साधारण सापेक्षतावाद का सिद्धांत(Theory of General Relativity) प्रस्तुत किया था। इस सिद्धांत के अनेक पुर्वानुमानो मे से अनुमान एक काल-अंतराल(space-time) को भी विकृत कर सकने वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगो की उप...
Ashish Shrivastava
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प्रकाशगति का मापन कैसे किया गया ? यह प्रश्न कई बार पुछा जाता है और यह एक अच्छा प्रश्न भी है। 17 वी सदी के प्रारंभ मे और उसके पहले भी अनेक वैज्ञानिक मानते थे कि प्रकाश की गति जैसा कुछ नही होता है, उनके अनुसार प्रकाश तुरंत ही कोई कोई भी दूरी तय कर सकता है। अर्थात प्र...
Ashish Shrivastava
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खगोलविदों ने अब तक के सबसे ताक़तवर सुपरनोवा ASASSN-15lh की खोज की है। इस सुपरनोवा का मूल तारा भी काफ़ी विशाल रहा होगा- संभवतः हमारे सूर्य के मुक़ाबले 50 से 100 गुना तक बड़ा। पहले और बाद: यह सुपरनोवा अब तक रिकॉर्ड हुए सबसे चमकदार सुपरनोवा से दोगुना ज़्यादा चमकदार है...
Sandhya Sharma
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इस ब्रह्माण्ड की दसों दिशाओं नेशस्य स्यामला धरा कीमुस्काती फिजाओं नेमहकती हवाओं नेझूमती लताओं नेबल-खाती नदियों नेकल-कल बहते झरनों नेमाटी के धोरों नेकर्मठ शूरवीरो नेमिट्टी के कण कण नेस्वदेश के जन जन नेकह दी अमर कहानीसब गर्वित हैं मातृभूमि परसिवाय उनके ....जो बै...