गुरुवार को ऑफिस में व्यस्त था...मोबाइल ऑफिस में मैं साइलेंट पर रखता हूं लेकिन आंखों के सामने ही रखता हूं ताकि पता चल जाए कि किसका है...वाइब्रेशन हुआ तो मोबाइल पर नज़र गई...महफूज़ अली का नाम फ्लैश हो रहा था...बात की तो दूसरी तरफ़ से हक़ वाले आदेश की आवाज़ आई...”भईया...