ब्लॉगसेतु

S.M. MAsoom
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ईद -उल- जुहा -त्याग और वलिदान का त्यौहारबकरीद ,जिसे हम ईद-उल -जुहा के नाम से अधिकतर जानते पहचानते हैं , हमारे मुस्लिम भाइयों का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है जो साल में एक बार मनाया जाता है और पैगम्बर अब्राहिम की याद में होता है जिन्होंने अपने पुत्र इस्माइल को स...
 पोस्ट लेवल : samaj id-ul-juha tyohar ब्लॉगर desh muslim bhayi
S.M. MAsoom
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सावन जहाँ भक्तिभावना,पर्यावरण उल्लास और हर-हर महादेव की विशेष उपासना के लिए जाना जाता है वंही यह माह भाई -बहन के अटूट प्यार और विश्वास के लिए भी हमारे समाज में जाना पहचाना जाता रहा है| आज भले ही हम यंत्रवत हो गये हों,संवेदनाएं हममें सो गईं हो लेकिन ज्यादा दिन नहीं...
अर्चना चावजी
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पिछले कई दिनों से ब्लॉग लेखिकाओं से मुलाकात &#232...
अर्चना चावजी
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हम  .... जो लोग ब्लॉग पर लिखने की वजह से एक-दूसरे क&#237...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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सत्यार्थमित्र पर मौलिक रूप से ब्लॉग पोस्ट करने की आदत फ़ेसबुक ने छीन ली थी। जो मन में आया उसे तुरत-फुरत स्टेटस के रूप में फेसबुक पर डालकर छुट्टी ले लेने का आसान रास्ता पकड़ लिया था मैंने। अधिकतम चौबीस घंटे की सक्रिय आवाजाही पाने के बाद वह स्टेटस काल के गाल में समा जा...
Yashoda Agrawal
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आम के आम..गुठलियों के दामकहानी लेखकों के लिए सुनहरा मौका..आई ब्लॉगर का संचालन करने वाली फर्म प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित होने जा रही में आमंत्रित&nb...
 पोस्ट लेवल : आई ब्लॉगर
S.M. MAsoom
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लेखक डॉ अरविन्द मिश्रा मनुष्य की अनेक प्रतिभाओं में एक है चमचागीरी/चापलूसी। वैसे तो इस क्षमता में दक्ष लोगों में यह प्रकृति प्रदत्त यानी जन्मजात है मगर कुछ लोग इस कला को सीखकर भी पारंगत हो लेते हैं। चारण और चमचागीरी में बारीक फर्क है।चारण एक पेशागत कार्य...
 पोस्ट लेवल : ब्लॉगर issues blogger
S.M. MAsoom
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पिछली लिखी कजली पर मिले प्यार से अभिभूत हूँ। उसे कविता कोष के लोकगीत में शामिल किया गया है। मुझसे कई मित्रों ने एक और कजली लिखने की फ़रमाईश की थी जिसे आज मैं पूरी कर रहा हूँ। प्रस्तुत कजली की धुन पूर्व से अलग है। आनंद लीजियेगा। +++सईयां जाई बसे हैं पुरुबी नगरिय...
Khushdeep Sehgal
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गुरुवार को ऑफिस में व्यस्त था...मोबाइल ऑफिस में मैं साइलेंट पर रखता हूं लेकिन आंखों के सामने ही रखता हूं ताकि पता चल जाए कि किसका है...वाइब्रेशन हुआ तो मोबाइल पर नज़र गई...महफूज़ अली का नाम फ्लैश हो रहा था...बात की तो दूसरी तरफ़ से हक़ वाले आदेश की आवाज़ आई...”भईया...
अर्चना चावजी
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टिप्पणी न आना कोई विशेष कारण नहीं लगता ब्लॉग&#236...