ब्लॉगसेतु

Ravindra Prabhat
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आज दिनांक 28.05.2010 को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-2010 के अंतर्गत उन्नीसवें दिन के कार्यक्रम का लिंक -तीन दिवसीय प्रथम अन्तराष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग उत्सव लखनऊ में ....http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_28.htmlयह प्रस्ताव केवल ब्लोगोत्सव-२०१० से जुड़े रचनाकारों एवं...
 पोस्ट लेवल : ब्लोगोत्सव-२०१०
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आज दिनांक 26.05.2010 को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-2010 के अंतर्गत अठारहवें दिन प्रकाशित पोस्ट का लिंक-एक सीमा तक करें शैतानियाँ, ना किसी का दिल दुखाना चाहिए। http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1497.htmlअजित कुमार मिश्र की दो कविताएँhttp://utsav.parikalpnaa.com...
 पोस्ट लेवल : ब्लोगोत्सव-२०१०
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आदरणीय मित्रों,स्थानीय स्तर पर उत्पन्न अपरिहार्य व्यवधान के फलस्वरूप ब्लोगोत्सव-२०१० के सत्रहवें दिन का कार्यक्रम अचानक स्थगित करना पडा, जिससे आपको असुविधा हुई ! यह हमारे लिए अत्यंत खेद का विषय है ....!आपको यह जानकर वेहद ख़ुशी होगी कि समस्त व्यवधान दूर कर दिए गए है...
 पोस्ट लेवल : ब्लोगोत्सव-२०१०
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प्रिय मित्रों,ब्लोगोत्सव-२०१० के अंतर्गत दिनांक २१.०५.२०१० को होने वाले कार्यक्रम अचानक नेटवर्क में हुई गडबडियों के कारण स्थगित करना पड़ रहा है , तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार सरबर में अचानक समस्या उत्पन्न होने के कारण अवरोध की यह स्थिति ...
 पोस्ट लेवल : ब्लोगोत्सव-२०१०
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विदेशों  में  बसे हिंदी सेवी की चर्चा के दौरान पिछले पोस्ट में आप सभी ने सुश्री पूर्णिमा वर्मन : संयुक्त अरब इमारात (यूएई) / श्री सुमन कुमार घई : कनाडा / श्री तेजेन्द्र शर्मा : यू.के./  डॉ....
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विदेशों में हिन्दी के प्रचार-प्रसार से जुड़े हिन्दी-प्रेमी () सुश्री पूर्णिमा वर्मन : संयुक्त अरब इमारात (यूएई) संपादक : विश्वजाल पत्रिका अभिव्यक्ति एवं अनुभूति            () श्री सुमन कुमार घई : कनाडा संपादक : विश्वजाल पत्रिका साहित्य...
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कुछ ही दिन पूर्व एक विद्वान् लेखक का शोधपूर्ण तकनीकी लेख पढ़ा. “बहुत कठिन है डगर पनघट की”. इस लेख में पाँच तकनीकी बाधाओं का उल्लेख करते हुए यह सिद्ध करने का प्रयास किया गया था कि इन समस्याओं का हल निकाले बिना हिंदी को इंटरनेट पर लाने के अब तक के तमाम प्रयासों समेत...
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आज डा अरविन्द मिश्र का यह आलेख राष्ट्रीय सहारा के दिनान्क२६.०४.२०१० को प्रकाशित हुआ है ...सूचनार्थ यहाँ प्रस्तुत है-  पुन: परिकल्पना पर वापस जाएँ
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उगते सूरज के देश जापान से हिंदी प्रेम का पैग़ाम देने वाला कोई भारतीय नहीं, जापानी मूल के मिज़ोकामी हैं, जो ओसाका विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर हैं ....वे पिछले 36 साल से हिंदी के प्रचार प्रसार से जुड़े हैं और इस बात पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हैं कि ह...
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शास्त्री जे सी फिलिप एक समर्पित लेखक, अनुसंधानकर्ता, एवं हिन्दी-सेवी हैं. उन्होंने भौतिकी, देशीय औषधिशास्त्र, और ईसा के दर्शन शास्त्र में अलग अलग विश्व्वविद्यालयो से डाक्टरेट किया है. आजकल वे पुरातत्व के वैज्ञानिक पहलुओं पर अपने अगले डाक्टरेट के लिये गहन अनुसंधान क...