*कल  रात बहुत देर तक बैठक जमी  .जिन्हें अच्छा ऑफ़र मिला ,उनमें मैं भी एक था ,लोग  घेरे बैठे रहे .  अभी और कंपनियाँ आनेवाली थीं देर-सवेर  मिलने की आशा सबको थी.'सुबह निकलना है' - कह कर मुश्किल से जान छुड़ाई .सोचता जा रहा था - बिना...