ब्लॉगसेतु

विवेक अग्रवाल
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एक डॉन - 45 नाम - गनतंत्र की बात 001जानिए किस अंडरवर्&#...
दिनेशराय द्विवेदी
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छँटनी की परिभाषा बदलने से जन्मी श्रमिक-कर्मचारियों की नई श्रेणीदेश के श्रम न्यायालयों और औद्योगिक न्यायाधिकरणों में जो प्रकरण लंबित हैं, मेरे अनुमान के अनुसार उनमें से 80 प्रतिशत से अधिक केवल छंटनी के मामले हैं। 1984 में छंटनी की परिभाषा में परिवर्तन के पहले तक उसक...
दिनेशराय द्विवेदी
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श्रम कानून में परिवर्तन से मजदूर वर्ग की स्थिति कैसे बदतर हुई?फरवरी 1978 में सुप्रीमकोर्ट के 7 न्यायाधीशों की वृहत पीठ ने बैंगलोर वाटर सप्लाई एण्ड सीवरेज बोर्ड व अन्य बनाम आर. राजप्पा व अन्य के मुकदमे में निर्णय पारित कर यह स्पष्ट कर दिया था कि किस तरह के संस्थानों...
Lokendra Singh
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मर्यादापुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम भारत की आत्मा हैं। राम भारतीय संस्कृति के भव्य-दिव्य मंदिर के न केवल चमकते शिखर हैं, अपितु वे वास्तव में उसके आधार भी हैं। इसलिए राम का जीवन उनके समय से लेकर आज तक प्रासंगिक है। उनका जीवन प्रकाश स्तम्भ की तरह है, जो अंधेरे में हमारा...
दिनेशराय द्विवेदी
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नए कानूनों ने मजदूर वर्ग को कमजोर और असहाय बनायाकेन्द्र और देश के अधिकांश राज्यों में श्रीमती इन्दिरागांधी की पार्टी कांग्रेस (इ) की सरकारें थी। तभी ठेकेदार मजदूर (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम-1970 संसद में पारित हुआ। इसका उद्देश्य बताया गया था कि ठेकेदार मजदूरों क...
दिनेशराय द्विवेदी
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संगठित मजदूरों के क्षेत्र को न्यूनतम बनाए रखने की साजिशइस विमर्श की कल की कड़ी में मैं ने कहा था कि कोविद-19 महामारी को फैलने से रोकने के उपायों की घोषणा मात्र से, लोगों को विशेष रूप से देश से औद्योगिक केन्द्रों से मजदूरों और उनके परिवारों द्वारा उनके गाँवों की ओर...
सतीश सक्सेना
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जयकार में उठी कलम,क्या ख़ाक लिखेगीअभिव्यक्ति को वतन में,खतरनाक लिखेगी !अवसाद में निराश कलम , ज्ञान लिखेगी ?मुंह खोल जो कह न सके,चर्वाक लिखेगी ?जिसने किया बरवाद , वे बाहर के नहीं थे !तकलीफ ए क़ौम को भी इत्तिफ़ाक़ लिखेगी !किसने दिया था दर्द, वह बतला न सकेगी !कुछ चाहतें द...
दिनेशराय द्विवेदी
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बचाव के बचकाना उपाय24 मार्च 2020 को सुबह-सुबह घोषणा होने के बाद कि प्रधानमंत्री रात आठ बजे देश को संबोधित करेंगे तरह तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं कि आखिर प्रधानमंत्री क्या करने वाले हैं। लेकिन किसी को पता नहीं था कि वे क्या कहेंगे। रात आठ बजे जब वे टीवी-रेडियो पर आ...
दिनेशराय द्विवेदी
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 'भारत में कोविद-19 महामारी का प्रवेश'तीन माह की अवधि में ही कोविद-19 वायरस ने दुनिया को हलकान कर दिया है और अब उसने वैश्विक महामारी का रूप ले लिया है। वे देश अभी सौभाग्यशाली हैं जिन में अभी तक इस वायरस के चरण नहीं पड़े हैं। इस वायरस से बचाव के लिए कोई टीका वै...
PRAVEEN GUPTA
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शेखावटी - भारत के आद्योगिक राजधानी#शेखावटी को आमेर राजघराने के कुंवर महाराव #शेखा जी ने बसाया था. शेखा जी कच्छवाह राजपूत थे. कछवाहा अर्थात श्री राम के पुत्र कुछ के वंशज. इन्हीं राव शेखा जी के नाम पर शेखावत वंश चला.शेखावटी में वैसे तो राजपूतो का वर्चस्व रहा है और है...