ब्लॉगसेतु

jaikrishnarai tushar
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  चित्र -साभार गूगल एक ग़ज़ल -कोई आज़ाद बतलाओ कि जो आज़ाद जैसा है तुम्हारा जन्म भारत भूमि पर अपवाद जैसा है कोई आज़ाद बतलाओ कि जो आज़ाद जैसा है शहीदों की कहानी हाशिए पर कौन लिखता था मेरे मानस पटल पर चित्र यह अवसाद जैसा है वो ऐसा भक्...
शिवम् मिश्रा
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 भारत की आजादी के ठीक पहले मुम्बई में रायल इण्डियन नेवी के सैनिकों द्वारा पहले एक पूर्ण हड़ताल की गयी और उसके बाद खुला विद्रोह भी हुआ। इसे ही जलसेना विद्रोह या मुम्बई विद्रोह(बॉम्बे म्युटिनी) के नाम से जाना जाता है। यह विद्रोह १८ फ़रवरी सन् १९...
jaikrishnarai tushar
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  चित्र -साभार गूगल एक ग़ज़ल -मढ़ेंगे किस तरह इस मुल्क की तस्वीर सोने में मढ़ेंगे किस तरह भारत की हम तस्वीर सोने में लगे हैं मुल्क के गद्दार सब जादू औ टोने में यहाँ हड़ताल और धरना भी प्रायोजित विदेशों से पड़ोसी मुल्क से आती है बिरयानी भ...
शिवम् मिश्रा
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 मन्मथनाथ गुप्त (जन्म: ७ फ़रवरी १९०८ - मृत्यु: २६ अक्टूबर २०००) भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रान्तिकारी तथा सिद्धहस्त लेखक थे। उन्होंने हिन्दी, अंग्रेजी तथा बांग्ला में आत्मकथात्मक, ऐतिहासिक एवं गल्प साहित्य की रचना की है। स्वतन्त्र भारत में...
Lokendra Singh
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तथाकथित किसान आंदोलन के नाम पर भारत विरोधी ताकतों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने का षड्यंत्र रचा, लेकिन भारत के नागरिकों ने अविलम्ब एकजुट प्रतिकार करके बता दिया कि हम भारत विरोधी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। यह भारत की शक्ति और उसकी सुंदरता...
sahitya shilpi
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जिंदगी और अन्य कवितायें - विनय भारत शर्मा ज़िन्दगी उछलती, मचलती,गडमडातीसाथ चलकर फडफ़ड़ाती,दुख- सुख, दर्द सुकूनहिस्सों में बटकरकहीं भटककररास्ते परबढ़ती गाड़ी ज़िन्दगी गुमनाम है।** समस्या मैं एक दिन चिंता में डूबा हुआ था,चिंता मुझे खा रही थीया मैं चिंता को ये समझ रहा था...
शिवम् मिश्रा
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मेजर सोमनाथ शर्मा (जन्म: 31 जनवरी, 1923 - मृत्यु: 3 नवम्बर 1947) भारतीय सेना की कुमाऊँ रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर थे जिन्होंने अक्टूबर-नवम्बर, 1947 के भारत-पाक संघर्ष में अपनी वीरता से शत्रु के छक्के छुड़ा दिये। उन्हें भारत सरक...
Asha News
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झाबुआ। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के बैनर तले आजादी के महासमर में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश भक्तों को समर्पित "एक शाम देश भक्तों के नाम" काव्य संध्या का सफल आयोजन स्थानीय सिद्धेश्वर कालोनी मे "आदर्श विद्या मंदिर" के हाल में हुआ ।जिसमे उपस्थित कवियों न...
Lokendra Singh
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आज जब हम 72वां गणतंत्र मना रहे हैं, तब हम गौरव की अनुभूति कर रहे हैं कि भारत अपनी वैश्विक भूमिका को भी प्राप्त करने की ओर तेजी से अग्रसर है। ‘हम भारत के लोग’ इस बात से रोमांचित होते हैं कि ज्ञान-विज्ञान से लेकर आर्थिक क्षेत्र में कभी हम दुनिया का नेतृत्व करते थे। ल...
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--विपिन चन्द्र पाल बंगाली,भारत के जननायक थे।आजादी के परवाने थे,जन-जन के उन्नायक थे।।--चाटुकारिता अँगरेजों की,उनको नहीं सुहाती थी।गाँधी जी की नरम नीति तो,उनको रास न आती थी।पत्रकारिता में बाबू जी,क्रान्तिदूत संवाहक थे।आजादी के परवाने थे,जन-जन के उन्नायक थे।।--शिक्षक,...
 पोस्ट लेवल : गीत भारत के जननायक