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sanjiv verma salil
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भाषा व्याकरण ३**रस*स्वाद भोज्य का सार है, गंध सुमन का सार।रस कविता का सार है, नीरस बेरस खार।।**रस महिमा*गो-रस मध-ुरस आम्र-रस,गन्ना रस कर पान।जौ-रस अंगूरी चढ़़े, सिर पर बच मतिमान।।बतरस, गपरस दे मजा, नेतागण अनजान।निंदारस में लीन हों, कभी नहीं गुणवान।।पी लबरस प्रेमी ह...
sanjiv verma salil
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भाषा ज्ञान सलिला  १:ध्वनि क्या है?जिन जीवों को कान प्राप्त हैं, वे कान से सुनी जा सकनेवाली तरंगों को ध्वनि कहते हैं। अक्षर / वर्ण क्या है ?कंठ से अनेक प्रकार ध्वनियाँ बोली जा सकती हैं। जिन ध्वनियों से सार्थक शब्द बन सकते हैं उन्हें अक्षर/वर्ण&nb...
 पोस्ट लेवल : भाषा ज्ञान सलिला १
Manisha Sharma
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भारत के राज्य और उनकी भाषायेंभारत में इस समय (जून 2020) 28 राज्य और 9 केन्द्र शासित राज्य हैं। भारत में नये राज्यों का गठन और विलय होता रहता है और इसके लिये भारत के संविधान में भी आवश्यक संशोधन किया जाता है। सबसे बड़ा जो राज्यों का पुनर्गठन 1956-57 में किया गया था...
Basudeo Agarwal
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शक्ति कलम की मत कम आँको, तख्त पलट ये देती है,क्रांति-ज्वाल इसकी समाज को, अपने में भर लेती है,मात्र खिलौना कलम न समझें, स्याही को छिटकाने का,लिखी इबारत इसकी मन में, नाव भाव की खेती है।(ताटंक छंद)*********कलम सुनाओ लिख कर ऐसा, और और सब लोग कहें,बार बार पढ़ कर के जिसको...
sanjiv verma salil
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ॐ                     -: विश्व वाणी हिंदी संस्थान - समन्वय प्रकाशन अभियान जबलपुर :-                ll हिंदी आटा माढ़िए, उर्दू मोयन डाल l 'सलिल' संस्कृत सान...
 पोस्ट लेवल : भाषा काव्य और छंद २
kumarendra singh sengar
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यूनेस्को की घोषणा के बाद प्रतिवर्ष 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है. इसको मनाये जाने का उद्देश्य भाषाओं और भाषाई विविधता को बढ़ावा देना है. मातृभाषा के बिना किसी भी देश की संस्कृति की कल्पना बेमानी है. यही हमें राष्ट्रीयता से जोड़ती है और देश...
 पोस्ट लेवल : मातृभाषा हिन्दी
jaikrishnarai tushar
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चित्र-साभार गूगलएक लोकभाषा गीत-प्रेम क रंग निराला हउवैसिर्फ़ एक दिन प्रेम दिवस हौबाकी मुँह पर ताला हउवैई बाजारू प्रेम दिवस हौप्रेम क रंग निराला हउवैसबसे बड़का प्रेम देश कीसीमा पर कुर्बानी हउवैप्रेम क सबसे बड़ा समुंदरवृन्दावन कै पानी हउवैप्रेम भक्ति कै चरम बिंदु हौतुलस...
mahendra verma
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छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए इस मौसम में ‘ओल’ महत्वपूर्ण हो जाता है । रबी फसल के लिए खेत की जुताई-बुआई के पूर्व किसान यह अवश्य देखता है कि खेत में ओल की स्थ्ति क्या है । ओल मूलतः संस्कृत भाषा का शब्द है । विशेष बात यह है कि ओल का जो अर्थ संस्कृत में है ठीक वही अर्थ छ...
Basudeo Agarwal
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नन्दन कानन में स्मृतियों के, खोया खोया मैं रहता हूँ,अवचेतन के राग सुनाने, भावों में हर पल बहता हूँ,रहता सदा प्रतीक्षा रत मैं, कैसे नई प्रेरणा जागे,प्रेरित उससे हो भावों को, काव्य रूप में तब कहता हूँ।बहे काव्य धारा मन में नित, गोते जिसमें खूब लगाऊँ,दिव्य प्रेरणा का...
Madabhushi Rangraj  Iyengar
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 पोस्ट लेवल : त्रिभाषा हिंदी