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jaikrishnarai tushar
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चित्र-साभार गूगलएक लोकभाषा गीत-प्रेम क रंग निराला हउवैसिर्फ़ एक दिन प्रेम दिवस हौबाकी मुँह पर ताला हउवैई बाजारू प्रेम दिवस हौप्रेम क रंग निराला हउवैसबसे बड़का प्रेम देश कीसीमा पर कुर्बानी हउवैप्रेम क सबसे बड़ा समुंदरवृन्दावन कै पानी हउवैप्रेम भक्ति कै चरम बिंदु हौतुलस...
sanjiv verma salil
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भारत का भाषा गीत आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*हिंद और हिंदी की जय-जयकार करें हम भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम *भाषा सहोदरा होती है, हर प्राणी कीअक्षर-शब्द बसी छवि, शारद कल्याणी कीनाद-ताल, रस-छंद, व्याकरण शुद्ध सरलतमजो बोले वह लिखें-पढ़ें, विधि जगव...
 पोस्ट लेवल : भाषा गीत bhasha geet
jaikrishnarai tushar
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एक लोकभाषा गीत-मोदी जी कै काम जैसे रात में अँजोरियामोदी जी कै काम जइसे रात में अँजोरिया ।फूलवा कमल कै महकै मह मह साँवरिया ।सड़कन क जाल बिछलस्वच्छता देखात बागैस के कनेक्शन सेहियरा जुड़ात बाघर-घर में शौचालयबड़ी नीक बात बाखतम बा दलालीबन्द होई चोर बजरिया ।ज्ञान औ विज्ञान...
sanjiv verma salil
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भारत का भाषा गीत आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*हिंद और हिंदी की जय-जयकार करें हम भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम *भाषा सहोदरा होती है, हर प्राणी की अक्षर-शब्द बसी छवि, शारद कल्याणी की नाद-ताल, रस-छंद, व्याकरण शुद्ध सरलतम जो बोले वह लि...
 पोस्ट लेवल : भाषा गीत bhasha geet
sanjiv verma salil
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भाषा गीत: हिन्द और हिंदी की जय-जयकार करें हम भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम *भाषा सहोदरी होती है हर प्राणी की अक्षर-शब्द बसी छवि शारद कल्याणी की नाद-ताल, रस-छंद, व्याकरण शुद्ध सरलतम जो बोले वह लिखें-पढ़ें विधि जगवाणी की संस्कृत-पुत्री को अपना गलहार करें हम हिन...
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sanjiv verma salil
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भाषा गीत  हिंद और हिंदी की जय-जयकार करें हम भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम *भाषा सहोदरी होती है, हर प्राणी की अक्षर-शब्द बसी छवि, शारद कल्याणी की नाद-ताल, रस-छंद, व्याकरण शुद्ध सरलतम जो बोले वह लिखें-पढ़ें, विधि जगवाणी की&nbs...
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sanjiv verma salil
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हिंदी वंदना हिंद और हिंदी की जय-जयकार करें हम भारत की माटी, हिंदी से प्यार करें हम *भाषा सहोदरी होती है, हर प्राणी की अक्षर-शब्द बसी छवि, शारद कल्याणी की नाद-ताल, रस-छंद, व्याकरण शुद्ध सरलतम जो बोले वह लिखें-पढ़ें, विधि जगवाणी की स...
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चित्र -गूगल से साभार एक लोकभाषा गीत -देश में अब हमेशा अजोरिया रहै ई चनरमा रहै ,ना अन्हरिया रहै |देश में अब हमेशा अजोरिया रहै |सबके घर से अँधेरा मिटावै के बा ,सबके देहरी रंगोली सजावै के बा ,धूप खुलि के हंसैना बदरिया रहै |झील में फूल सुन्दर&n...