ब्लॉगसेतु

Ashish Shrivastava
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अंतरिक्ष यात्रा मानव इतिहास के सबसे अद्भूत प्रयासो मे एक है। इस प्रयास मे सबसे अद्भूत इसकी जटिलता है। अंतरिक्ष यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिये ढेर सारी समस्या को हल करना पडा़ है, कई बाधाओं को पार करना पड़ा है। इन समस्याओं और बाधाओं मे प्रमुख है: अंतरिक्ष का नि...
Ashish Shrivastava
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इस लेख मे हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला द्वारा लिए जाने वाले तीन प्रकार के चित्रों और उन्हे बनाने की विधि का वर्णन किया गया है। [इस लेख को पढ़ने से पहले इसका पहला भाग और दूसरा भाग पढ़े।]  प्राकृतिक रंगों वाला चित्र   प्रस्तुत चित्र को इ एस ओ 510- जी13 आकाशगंगा के लाल...
 पोस्ट लेवल : अंतरिक्ष भौतिकी
Ashish Shrivastava
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किसी ब्रह्मांडीय पिंड से आने वाला प्रकाश रंगो की विस्तृत श्रेणी मे आता है, जिसमे से हर रंग विद्युत चुंबकिय विकिरण की एक विशिष्ट तरंग से संबधित होता है। हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला दृश्य प्रकाश की तरंगो के अतिरिक्त अन्य हजारों तरह की तरंगो जैसे अवरक्त, पराबैंगनी तरंगो को...
 पोस्ट लेवल : अंतरिक्ष भौतिकी
Ashish Shrivastava
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अंतरिक्ष ब्लाग पर आपने ब्रह्मांडीय पिंडो की खूबसूरत तस्वीरे देखी होंगी। इन अद्भुत ,विहंगम ,नयानाभिराम चित्रो और उनके मनमोहक रंगो, आकृतियों को देखकर विश्वास नही होता कि ब्रह्माण्ड मे रंगो की छटा इस तरह बिखरी पड़ी है। आईये जानते है कि यह चित्र कैसे लिए जाते है ? क्या...
 पोस्ट लेवल : अंतरिक्ष भौतिकी
Ashish Shrivastava
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विकिरण (Radition) यह शब्द आजकल भयावहता उत्पन्न करता है। जब भी हम इस शब्द को सुनते है, हमारी आंखो के सामने कैंसर के मरीज, हिरोसीमा और नागासाकी के परमाणु बम द्वारा उत्पन्न विध्वंस आ जाता है। आधुनिक मीडीया भी हमारे इस भय को बढाने का काम करता है। ज्यादा दिन नही गुजरे ह...
 पोस्ट लेवल : भौतिकी
Ashish Shrivastava
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श्याम विवर का जन्म सुपरनोवा विस्फोट के पश्चात होता है। जब तक तारे जीवित रहते है तब वे दो बलो के मध्य एक रस्साकसी जैसी स्थिति मे रहते है। ये दो बल होते है, तारो की ‘जीवनदायी नाभिकिय संलयन से उत्पन्न उष्मा’ तथा तारों का जन्मदाता ‘गुरुत्वाकर्षण बल&#8...
Ashish Shrivastava
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श्याम विवर कैसे दिखता है ? कल्पना कीजिए की आप किसी श्याम विवर की सुरक्षित दूरी पर(घटना क्षितीज Event-Horizon से बाहर) परिक्रमा कर रहे है। आप को आकाश कैसा दिखायी देगा ? साधारणतः आपको पृष्ठभूमी के तारे निरंतर खिसकते दिखायी देंगे, यह आपकी अपनी कक्षिय गति के कारण है। ल...