ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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आज विश्व रंगमंच दिवस है, ऐसा हमें हमारी उरई इप्टा के कुछ साथियों ने बताया। रंगमंच का नाम आते ही सामने आता है एक बड़ा सा मंच और उस पर कुछ सार्थक प्रस्तुतियाँ करते कलाकार। इधर पिछले कुछ सालों से हमने नाटकों के प्रति लोगों में रुझान कम से कमतर की स्थिति तक देखा है।(चित...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच युवा
मुन्ना के पाण्डेय
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भि‍खारी ठाकुर बीसवीं शताब्‍दी के सांस्‍कृति‍क महानायकों में एक थे। उन्‍होंने अपनी कवि‍ताई और खेल तमाशा से बि‍हार और पूर्वी उत्‍तरप्रदेश की जनता तथा बंगाल और असम के हि‍न्‍दीभाषी प्रवासि‍यों की सांस्‍कृति‍क भूख को तृप्‍त कि‍या। वह हमारी लोक जि‍जीवि‍षा के नि‍श्‍छल प्र...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच...
मुन्ना के पाण्डेय
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बीसवीं शताब्दी के महान चिन्तक और लेखक अल्बेयर कामू के नाटक le justes का हिंदी रूपांतर "न्यायप्रिय"(अनुवाद-प्रो.शरतचंद्रा और सच्चिदानंद सिन्हा)का सफ़ल मंचन पिछले ७-१० अक्टूबर को पटना के कालिदास रंगालय में नत्मंड़प नाट्य-समूह द्बारा किया गया.इस नाटक का निर्देशन संभाल...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच...
मुन्ना के पाण्डेय
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गुलाल देखने के बाद जो पीयूष मिश्रा के नए नए मुरीद हुए हैं और वे भी जो रंगमंच के दिनों से ही इस बेहतरीन कलाकार के फन के कायल हैं,उनके लिए एकदम नया और ख़ास विडियो साक्षात्कार मेरे अभिन्न मित्र और आवारा हूँ ब्लॉग के 'मिहिर पंड्या' के वेबसाइट www.mihirpandya.com पर उपल...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच... फिल्म
मुन्ना के पाण्डेय
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रा.ना.वि. के ग्रीष्मकालीन नाट्य महोत्सव के नाटकों पर लिखने की अगली कड़ी में आज भवभूति द्बारा रचित और प्रसन्ना द्बारा निर्देशित नाटक "उत्तररामचरित" के बारे में कुछ. उत्तररामचरित का संस्कृत से हिंदी अनुवाद 'पंडित सत्यनारायण कविरत्न' ने किया है.कविरत्न जी ने भवभूति के...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच...
मुन्ना के पाण्डेय
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रेपर्टरी (एन एस डी)का यह नाटक "राम नाम सत्य है"-मूल रूप से मराठी नाटककार 'डॉ.चंद्रशेखर फनसलकर'का लिखा हुआ है.फनसलकर के नाटकों और विशेषकर एकांकियों पर लिखते हुए 'विजय तेंदुलकर' ने लिखा है-"उनके एक-अंकीय नाटकों में थिएटर की संभावनाओं और सीमाओं,दोनों के प्रति सजगता का...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच
मुन्ना के पाण्डेय
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नरहरी शास्त्री जैसे विख्यात और 'श्रीकृष्ण लीला ,कंसवध चरित्र,महात्मा कबीरदास,जालंधर,श्री कृष्णभूमि परिणय ,अदि पौराणिक नाटकों के लेखक की ही रचना है -'सदारमे'.जो आजकल राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के ग्रीष्मकालीन नाट्य महोत्सव में रंगमंडल द्वारा खेला जा रहा है.दरअसल यह ना...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच
मुन्ना के पाण्डेय
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'आचार्य तार्तूफ़'मशहूर फ्रांसीसी नाटककार 'मौलियर' के विख्यात हास्य चरित्र 'तार्तूफ़'का आचार्य तार्तूफ़ के रूप में भारतीय अवतरण है.सत्रहवी शताब्दी के इस नाटक को वर्तमान समय से जिस तरह से जोड़ा गया है वह वाकई कमाल का है और इसका श्रेय भी सबसे अधिक इसके निर्देशक 'प्रसन...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच...
मुन्ना के पाण्डेय
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राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी हमारी गर्मियों को बेहतरीन बनाने के लिए अपने बेहतरीन नौ नाटकों के साथ फिर उपस्थित है.पेश है आपकी सुविधा हेतु समय-सारणी और अन्य विवरण -====================================================================...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच...
मुन्ना के पाण्डेय
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विजय तेंदुलकर के व्यंग्य नाटक "जाति ही पूछो साधू की"देखते हुए,हरिशंकर परसाई की 'काक झकोरे'में संकलित एक व्यंग्य रचना 'होना एक इंटरव्यू का'बरबस ही याद आती है.ऐसा किसी साहित्यिक मेल के कारण नहीं बल्कि कथ्य के प्रस्तुति के लिहाज़ से.किसी भी नौकरी में अपने मनपसंद उम्मी...
 पोस्ट लेवल : रंगमंच...