ब्लॉगसेतु

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 *आँसू*आँसू ही बताते यहां मिलना बिछड़ना भी।बेटी की विदाई में ये पिता को सताते हैं ।प्यार मनुहार में येक्रोध अहंकार में ये।पलकों से गिर गिरभेद को छिपाते हैं ।आँसू की अनोखी बातचाहे दिन हो या रात ।सुख दुख घड़ियों कोसाथ ही बिताते हैं।हार जीत प्रेम प्रीतदु...
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श्रमिक  आँचल में बाँधे बालधूप से है मुँह लालऐसी माता के राहों मेंफूल तो बिछाइएश्रम का मिले न दामनार करती है कामथकी हारी नार को तो दाम तो दिलाइएमजदूरी करती हैपेट सब भरती हैबेसहारा नार को भीकाम पे लगाइएदुखी नहीं होती है येईंट ईंट ढोती है येअबला के जीवन...
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 *मनहरण घनाक्षरी*लक्षण -मनहरण घनाक्षरी छन्द एक वार्णिक वृत्त है, जिसमें *कुल 4 पद* होते हैं तथा प्रत्येक पद में *4 चरण* होते हैं तथा 16 - 15 वर्णों पर यति, चारों पद समतुकांत, तथा अंत गुरु होने का प्रावधान है ।इसे अन्य रूप में 8, 8, 8, 7 वर्णों पर क्रमशः यति के...
Basudeo Agarwal
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(फारूक अब्दुल्ला के जिन्ना-प्रेम पर व्यंग)भारत का अबदुल्ला, जिन्ना पे पराये आज,हुआ है दिवाना कैसा, ध्यान आप दीजिए।खून का असर है या, गहरी सियासी चाल,देशवासी हलके में, इसे नहीं लीजिए।लगता है जिन्ना का ही, जिन्न इसमें है घुसा,इसका उपाय अब, सब मिल कीजिए।जिन्ना वहाँ परे...
sanjiv verma salil
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मनहरण घनाक्षरी (३१ वर्ण)*मनहरण घनाक्षरी में १६,१५ वर्ण पर यति तथा चरणांत में गुरू होता है।*शालिनी हो, माननी हो, नहीं अभिमाननी हो,श्वास-आस स्वामिनी हो मीत मेरी कवितागति यति लय रस भाव बिंब रूप जस,प्राण मन आत्मा हो प्रीत मेरी कवितासाधना हो वंदंना हो प्रार्थना हो अर्चन...
 पोस्ट लेवल : मनहरण घनाक्षरी
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 राधाराधा आज मुसकाईसखियों के साथ आईकान्हा जी की मुरली कोआज तो छिपाएंगेआज हम छिप करकृष्ण से लिपटकर दही नवनीत से ही उनको भिगाएंगे होली का त्योहार आज रख दूर सब काज  मिलकर हम सब कृष्ण को सताएंगे मोहन है चित चोर बांधकर प...
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विषय - *परीक्षा*
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रंगों का त्योहाररंगों का त्योहार आयाखुशी चारों ओर लायाहाथ में गुलाल लेकेआप भी तो आइए गुजिया के थाल सजे ढोलक मंजीरे बजे राधे के तो साथ में आप भी तो गाइए बरसे गुलाल लालकरे होली में धमालसखी अपने साथ तो राधा को नचाइएरंग हरा लाल पीलाकृष्ण न...
Basudeo Agarwal
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हरि मुख से जो झरी, गीता जैसी वाणी खरी,गीता का जो रस पीता, होता बेड़ा पार है।ज्ञान-योग कर्म-योग, भक्ति-योग से संयोग,गीता के अध्याय सारे, अमिय की धार है।कर्म का संदेश देवे, शोक सारा हर लेवे,एक एक श्लोक या का, भाव का आगार है।शास्त्र की निचोड़ गीता, सहज सरल हिता,पंक्ति प...
Basudeo Agarwal
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माटी की महक लिए, रीत की चहक लिए,प्रीत की दहक लिए, भाव को उभारिए।छातियाँ धड़क उठें, हड्डियाँ कड़क उठें,बाजुवें फड़क उठें, वीर-रस राचिए।दिलों में निवास करें, तम का उजास करें,देश का विकास करें, मन में ये धारिए।भारती की आन बान, का हो हरदम भान,विश्व में दे पहचान, गीत ऐसे ग...