ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
36
आज ३ जुलाई है ... आज का दिन समर्पित है ... भारतीय सेना के दो महानायकों को ... यह दोनों महानायक आज भी हर सैनिक के लिए प्रेरणा बने हुये है | आज इन दोनों की ही पुण्यतिथि है |पहले महानायक हैं ... अमर शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान,महावीर चक्र विजेता (मरणोपरांत) ब्र...
शिवम् मिश्रा
36
  मनोज कुमार पांडेय (25 जून 1975, सीतापुर, उत्तर प्रदेश -- 3 जुलाई 1999, कश्मीर), भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्हें सन १९९९ मे मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा पांडेय का जन्म 25 जून 1975 को उत्तर प्रदेश के...
शिवम् मिश्रा
36
आज ३ जुलाई है ... आज का दिन समर्पित है ... भारतीय सेना के दो महानायकों को ... यह दोनों महानायक आज भी हर सैनिक के लिए प्रेरणा बने हुये है | आज इन दोनों की ही पुण्यतिथि है |पहले महानायक हैं ... अमर शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान,महावीर चक्र विजेता (मरणोपरांत) ब्रि...
शिवम् मिश्रा
36
 मनोज कुमार पांडेय (25 जून 1975, सीतापुर, उत्तर प्रदेश -- 3 जुलाई 1999, कश्मीर), भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्हें सन १९९९ मे मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षापांडेय का जन्म 25 जून 1975 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले के...
sahitya shilpi
17
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता डॉ.मनोज कुमार
sahitya shilpi
17
..............................
 पोस्ट लेवल : कविता डॉ.मनोज कुमार
Yashoda Agrawal
8
पानी की बूँदें कहें, मुझको रखो सहेज।व्यर्थ न बहने दो मुझे, प्रभु ने दिया दहेज॥बादल बरखें नेह के, धरा प्रफुल्लित होय।हरित चूनरी ओढ़ के, प्रकृति मुदित मन होय॥ ताल तलैया बावली, बनवाने का काम।पुण्य कार्य करते रहे, पुरखे अपने नाम॥निर्मल जल पीते रहे, दुनिया के सब लोग...
शिवम् मिश्रा
22
सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा सादर नमस्कार।मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को पाकिस्तान के अबोटाबाद में हुआ था। उनका असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी है। देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार राजस्थान के हनुमानगढ़ ज़िले में बस गया था। मनोज ने अपने करियर में शहीद, उपकार, पू...
मनोज कुमार  भारती
239
 मनोज कुमार पांडेय की सद्यःप्रकाशित पुस्तक ‘ख़जाना’ पढ़ी। इस कहानीसंग्रह  में कुल आठ कहानियां संकलित है,जो तद्भव,पक्षधर,रचना समय,अभिनव कदम,कादंबिनी और पल-प्रतिपल पत्रिकाओं पहले प्रकाशित हो चुकी हैं। संग्रह की तीन लंबी कहानियां हैं। ये हैं-चोरी,घंटा,मोह। मो...
रविशंकर श्रीवास्तव
5
..............................